Greater Noida: गांव की बेटी के लिए सेल्फ स्टडी बनी वरदान, यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर बनीं युवाओं की प्रेरणा
सादौपुर गांव निवासी अनिल बैसोया की बेटी मुस्कान वर्मा ने बिना कोचिंग किए कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और सही रणनीति के दम पर सफलता हासिल की है।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए हर साल लाखों की संख्या में उम्मीदवार परीक्षा देते है। सफलता सिर्फ चंद उम्मीदवारों के हाथ ही लगती है। इनमें एक छोटे से गांव से निकलकर खुद से यूपीएससी की तैयारी की और एग्जाम क्रैक कर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई। ग्रेटर नोएडा के इस गांव की बेटी के लिए सेल्फ स्टडी (Self-Study) सफलता की कुंजी बन गई है।
सादौपुर गांव निवासी अनिल बैसोया की बेटी मुस्कान वर्मा ने बिना कोचिंग किए कड़ी मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और सही रणनीति के दम पर सफलता हासिल की है। पिता का सहयोग मिला तो सहेलियोें के साथ मिलकर तैयारी की। यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा को पास करने के लिए मुस्कन रोजाना 8 से दस घंटे की सेल्फ स्टडी की। दिल्ली के कैलाश हिल्स स्थित डीएवी स्कूल में पढ़ने वाली मुस्कान के पिता पेशे से फिल्म डाईरेक्टर है।
गार्गी कॉलेज से फिजिक्स में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई करने वाली मुस्कान ने बताया कि उनके पिता ने कठिन परीक्षा यूपीएससी की बारीकियां बताई और दोस्तों के साथ मिलकर तैयारी की। कोचिंग लिए बिना ही 771वीं रैंक हासिल की। जिसके बाद उनके गांव में खुशी की लहर है। रोहित मत्ते गुर्जर ने बताया कि पहले भी पांच बेटियों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। अब यूपीएससी में सफलता हासिल करने वाली मुस्कान युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।



