×
उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरग्रेटर नोएडाधर्म-कर्मधर्म-कर्मनोएडानोएडा वेस्ट

व्यास–नारद संवाद से आरंभ हुई श्रीमद् भागवत कथा, महाभारत प्रसंग और परीक्षित जन्म कथा ने श्रद्धालुओं को किया भावुक

ग्रेटर नोएडा : एकल श्रीहरि बनवासी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का द्वितीय दिवस आज श्री पीपल महादेव मंदिर, डेल्टा-1 में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
कथा व्यास साध्वी प्रीति पाराशर जी ने सायं 4 बजे से 7 बजे तक कथा का वाचन किया।
आज की कथा का शुभारंभ व्यास–नारद संवाद से हुआ, जिसमें नारद मुनि ने व्यास जी को बताया कि केवल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष तक सीमित रहना मन को शांति नहीं देता, बल्कि भक्ति मार्ग ही परम समाधान है। साथ ही महाभारत की कथा, परीक्षित जन्म प्रसंग और श्राप का मार्मिक वर्णन किया गया।
कथा के दौरान यह प्रसंग भी आया कि जब अश्वत्थामा ने उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चला दिया था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने योगबल से गर्भस्थ शिशु की रक्षा की और वही शिशु आगे चलकर राजा परीक्षित कहलाए।
इस अवसर पर यजमान के रूप में देवराज बबीता बंसल, पं. नवीन–हेमा शर्मा, डी.के. सरोज अरोड़ा, ममता सिंह, सरोज तोमर, सीमा बंसल, विनीता शर्मा, मीनाक्षी माहेश्वरी, रश्मि जिंदल, नीलम मिश्रा, संगीता सक्सेना, सुमन विष्ट, निशा ठाकुर, सीमा सिंह, कुलदीप शर्मा, मुकुल गोयल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

Tags

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

Related Articles

Back to top button
Close