Noida में बैठकर विदेश में रहने वाली भारतीयों को OTT चैनल्स के नाम पर ठगी करने वाले छह गिरफ्तार, सस्ता सब्सक्रिप्शन का दिया जाता लालच
विदेशी भारतीयों को 100 से 300 डॉलर में “लाइफटाइम” या “सस्ता सब्सक्रिप्शन” बेचता था। कुछ दिन बाद सब्सक्रिप्शन अपने आप बंद कर देता और “रिन्यूअल” के नाम पर दोबारा पैसे मांगता था।

फेस—1 कोतवाली पुलिस ने बड़ा साइबर फ्रॉड रैकेट के छह सदस्य को गिरफ्तार किया है। सेक्टर-2 नोएडा में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 20 मोबाइल, पांच कंप्यूटर CPU, पांच मॉनिटर, एक लैपटॉप, छह कीबोर्ड, छह माउस और छह हेडफोन बरामद किया है। यह गिरोह विदेशों में रह रहे भारतीयों को बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स का सस्ता सब्सक्रिप्शन देने का लालच देकर ठगता था। गिरोह खुद का सॉफ्टवेयर और IPTV सेटअप इस्तेमाल कर असली OTT चैनल्स की लाइव स्ट्रीमिंग चुराता था।
विदेशी भारतीयों को 100 से 300 डॉलर में “लाइफटाइम” या “सस्ता सब्सक्रिप्शन” बेचता था। कुछ दिन बाद सब्सक्रिप्शन अपने आप बंद कर देता और “रिन्यूअल” के नाम पर दोबारा पैसे मांगता था। इस तरह एक ही व्यक्ति से बार-बार लाखों रुपये हड़प लिए जाते थे। यह कॉल सेंटर भारतीय, पाकिस्तानी और अन्य देशों के प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म को अवैध रूप से अपने निजी सॉफ्टवेयर के जरिए विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों को एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर चैनलों की लाइव स्ट्रीमिंग दिखा रहा था।
छह आरोपियों को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पुलिस ने केंद्रीय विहार निवासी तनिष्का पुत्री सुरेश कुमार वर्मा, मथुरा निवासी अनिल बघेल पुत्र कृष्ण कुमार, गौरव पुत्र पप्पन बघेल, राधा बल्लभ पुत्र गणेश दास, बिहार निवासी मनीष कुमार त्रिपाठी पुत्र छविनाथ त्रिपाठी और दिल्ली निवासी योगेश बघेल पुत्र प्रेमकांत बघेल के रुप में की है।
आरोपी WEBBIZ SERVICES LLC कंपनी के नाम पर विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को ओटीटी प्लेटफॉर्म के विभिन्न सब्सक्रिप्शन चैनलों के कंटेंट को बिना किसी लाइसेंस के कैप्चर करते हैं और उसकी कॉपी को प्रसारित करते हैं। कुछ समय बाद आरोपी सब्सक्रिप्शन बंद कर देते थे।




