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कलावा पहनकर और धर्म बदल कर स्नैचिंग करने वाले गिरोह का खुलासा, 500 से ज्यादा वारदात, 2 करोड़ का माल बरामद

डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से की गई गहन पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अपराधी न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर, बल्कि हापुड़, बुलंदशहर और मथुरा जैसे अन्य शहरों में भी सक्रिय थे।

फेस—1 कोतवाली पुलिस ने नाम बदलकर और कलावा पहनकर वारदात को अंजाम देेने वाले अंतराज्यीय मोबाइल स्नैचर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो करोड़ का माल बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मोबाइल स्नेचिंग के आरोप में फिरोज, फरदीन और सलीम को गिरफ्तार किया गया है। यह भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल स्नैचिंग किया करते थे। दानिश इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है और मोबाइलों को खरीदता था। अपनी दुकान पर रखकर मांग के अनुसार उन्हें बेच दिया करता था। इसके अलावा उनके पार्ट्स निकालकर बेच देता था।

डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से की गई गहन पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अपराधी न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर, बल्कि हापुड़, बुलंदशहर और मथुरा जैसे अन्य शहरों में भी सक्रिय थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वह भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे मॉल, जनसभाओं या धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो जाते थे। खुद को सामान्य दिखाने के लिए ये अपने नाम बदल लेते थे, यहां तक कि धार्मिक दुपट्टे और कलावे भी पहन लेते थे ताकि किसी को इन पर शक न कर सके।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 70 से अधिक मोबाइल फोन, 28 आईपैड, एक टैबलेट, 265 मोबाइल फोन के पार्ट्स और एक एप्पल टीवी बरामद हुआ है। जिनकी कीमत करीब 2 करोड़ है। यह गिरोह बड़े पैमाने पर सक्रिय था। यह गिरोह 500 से 600 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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