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यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्पीड लिमिट होगी कम, बैठक में लिया गया निर्णय

यह कदम उन आंकड़ों के बाद उठाया जा रहा है जो बताते हैं कि "व्यस्त एक्सप्रेसवे पर 70 प्रतिशत घटानाएं रात 12 बजे से सुबह 8 बजे के बीच होती हैं।

सर्दियों में यमुना एक्सप्रेस-वे पर होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए स्पीड लिमिट कम करने की तैयारी की जा रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट जल्द ही कम करेगा। मौजूदा ​स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा से घटाकर 75 किमी प्रति घंटा कम की जा सकती है।

यह कदम उन आंकड़ों के बाद उठाया जा रहा है जो बताते हैं कि “व्यस्त एक्सप्रेसवे पर 70 प्रतिशत घटानाएं रात 12 बजे से सुबह 8 बजे के बीच होती हैं। गौरतलब है कि टेम्पो ट्रैवलर, मिनी बसों और इसी तरह के व्यावसायिक वाहनों के लिए गति सीमा वर्तमान में 100 किमी प्रति घंटा है, जबकि भारी ट्रकों के लिए यह 80 किमी प्रति घंटा और छोटे वाहनों के लिए 120 किमी प्रति घंटा है।

एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा ऑडिट, वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण के लिए ड्रोन के माध्यम से घटनाओं की रिकॉर्डिंग, केंद्रीय मध्य के दोनों ओर क्रैश बैरियर लगाना और टोल प्लाजा और सड़क किनारे सुविधाओं पर डिजिटल जागरूकता बोर्ड लगाना आदि शामिल हैं। छोटे वाहनों के अलावा, अन्य वाहनों के लिए भी इसी तरह की स्पीड की जांच लागू की जा सकती है। हाल ही में यूपीईडा के सीईओ की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

यूपीईडा के अतिरिक्त सीईओ हरि प्रताप शाही ने कहा, “दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के तरीकों पर एक विश्लेषण किया गया, खासकर सर्दियों की रातों में जब कोहरा होता है। आने वाले दिनों में एक्सप्रेस-=वे पर कोहरे का इफ्ेक्ट दिखाई देगा। इस दौरान बिजबिलटी कम हो जाती है। अधिकारियों की माने तो तेज रफ्तार के साथ शराब पीकर ड्राइविंग और चालक की थकान भी हादसों की बड़ी वजह हैं। इन सभी कारणों को देखते हुए स्पीड लिमिट कम करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसका मूल्यांकन जारी है।

इंटरसेप्टर और लेजर कैमरों की तैनाती बढ़ेगी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कई स्थानों पर इंटरसेप्टर वाहनों और लेजर कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे तेज रफ्तार और अन्य उल्लंघनों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

 

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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