नोएडा में छह साल से निष्क्रिय पांच राजनीतिक पार्टियों को नोटिस, जवाब न देने पर होगी सख्त कार्रवाई !
नोएडा : गौतमबुद्ध नगर में पिछले छह वर्षों से किसी भी चुनाव में हिस्सा न लेने वाली पांच पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को जिला प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, यदि ये पार्टियां समय पर जवाब नहीं देती हैं, तो इनका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत की गई है। वर्ष 2019 से 2024 के बीच कि एमएमसी भी निर्वाचन में भाग न लेने के कारण इन दलों के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है।
इन पांच राजनीतिक दलों को भेजा गया नोटिस
जिन दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
राष्ट्रीय मजदूर किसान पार्टी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश विकास पार्टी
मदर इंडिया पार्टी
जनक्रांति समाज पार्टी
हिंदुस्तान क्रांतिकारी दल
इन सभी दलों को नोटिस लखनऊ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से उनके पंजीकृत पते पर भेजा गया है।
14 जुलाई तक देना होगा जवाब, 21 जुलाई को होगी सुनवाई
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित पार्टियों के अध्यक्ष या महासचिव को अपने हलफनामे व अभिलेखों के साथ 14 जुलाई 2025 तक जवाब प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, 21 जुलाई 2025 को लखनऊ कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना होगा।
जवाब नहीं देने पर रजिस्ट्रेशन हो सकता है रद्द
यदि कोई पार्टी निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं देती, तो माना जाएगा कि उसे इस विषय में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को संस्तुति सहित प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिसमें पार्टी को राजनीतिक दलों की सूची से हटाने की सिफारिश की जाएगी।
निष्क्रिय दलों पर नकेल कसने की तैयारी
यह कार्रवाई निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि केवल वही राजनीतिक दल पंजीकृत रहें, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लेते हों।




