मेरठ में भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री से मिले सुनील भराला

लखनऊ – भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहल तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट कर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
बैठक के दौरान मेरठ क्षेत्र में प्रस्तावित “भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय” की अवधारणा, भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन धर्म और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा हुई। भराला ने मुख्यमंत्री के समक्ष विश्वविद्यालय का विस्तृत खाका रखते हुए बताया कि इसे बागपत जनपद में श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थापित करने का विचार है, जिसे धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
प्रस्तावित विश्वविद्यालय को आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक एकात्मता के सिद्धांत पर आधारित बताया गया है। इसके माध्यम से परशुराम से जुड़े जीवन-दर्शन, परंपराओं और वैचारिक विरासत को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की योजना पर बल दिया गया।
चर्चा के दौरान देशभर में परशुराम से जुड़े प्रमुख स्थलों—परशुराम कुंड, जनापाव, जबलपुर, कुम्भलगढ फोर्ट और पाली —के वैचारिक और शैक्षणिक एकीकरण पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही शिक्षा, संस्कृति, साइंस-इनोवेशन-रिसर्च (SIR) और अन्य नीतिगत विषयों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव को गंभीरता से सुनते हुए इसे सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए समिति गठित कर विस्तृत विचार किया जाएगा।
बैठक के अंत में पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पुत्र उत्कर्ष भारद्वाज ने अपनी आगामी फिल्म गोदान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इस प्रस्ताव को सांस्कृतिक पहचान और शिक्षा के समन्वय की पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस पर सरकारी स्तर पर क्या प्रगति होती है, इस पर नजर रहेगी।




