जिम्स में नए साल में बेड की क्षमता होगी 1500, इन नई तकनीकी से भी लैस होगा अस्पताल
ऐसे जरूरतमंदों की मदद के लिए एमबीबीएस के छात्रों ने खुद एक पहल की है। उन्होंने कहा कि इस जरिए मरीजों को आपातकाल स्थिति में ब्लड न मिलने पर भटकना नहीं पड़ेगा। जिम्स ने रक्त मित्र एप शुरू किया है।

कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ओपीडी में 5.35 लाख मरीज पहुंचे हैं। रिसर्च विंग सेंटर स्थापित की गई। 200 शोध परियोजनाओं प्रस्तुत हुई हैं। जिम्स प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बना,जिसके पास एनएबीएल और एनबीएचएल की मान्यता है। जिम्स के डाईरेक्टर बिग्रेडियर डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें कई मरीज काफी क्रिटिकल हालात में आते है,जिनको ब्लड की काफी जरूरत पडती है। वहीं देश का पहला एआई क्लिनिक खोलने के लिए शासन से स्वीकृति मिली है। इसका शुभारंभ दो जनवरी को होगा, छह जनवरी को फिजिकल तौर पर शुभारंभ होगा। बुधवार को निदेशक बिग्रेडियर डा. राकेश गुप्ता ने दी।
ऐसे जरूरतमंदों की मदद के लिए एमबीबीएस के छात्रों ने खुद एक पहल की है। उन्होंने कहा कि इस जरिए मरीजों को आपातकाल स्थिति में ब्लड न मिलने पर भटकना नहीं पड़ेगा। जिम्स ने रक्त मित्र एप शुरू किया है। यहां पर हर ग्रुप के रक्तदाताओं से डायरेक्ट जरूरतमंद संपर्क कर सकता है। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस सिर्फ 1100 रुपए रखी गई है। ब्लड पूरी तरह से निश्शुल्क उपलब्ध होगा। अगर जरूरतमंद के पास रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं है तो वह भी जिम्स अपने पास से मुहैया कराएगा। अस्पताल की क्षमता 300 बेड से बढ़ाकर 630 कर दी गई है। ओपीडी में रोजाना 1500 से दो हजार और आइपीडी में 450 मरीज आ रहे हैं। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़ी है। शासन की बोर्ड बैठक में सुपर स्पेशिएलिटी सुविधाओं को संचालित किए जाने के लिए स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही कार्डियो, आंकोलाजी और गैस्ट्रो विभाग पूरी तरह से शुरू कर दिए जाएंगे। अभी कार्डियोलाजी शुरू कर दी गई है। यहां अधिकतर जांचे की जा रही हैं। डेक्सा स्कैन, आएसआइ योजना के तहत निश्शुल्क उपचार, नेत्रदान कार्यक्रम शुरू किया गया है।



