UP: भेदभाव वाले यूजीसी के कानून की खिलाफत में उतरा सवर्ण समाज, बोला-वापस लो…नहीं तो उग्र होगा प्रदर्शन
आरएसपी जिला अध्यक्ष लोकेश भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा। ब्राह्मण समाज चुप नहीं बैठेगा।

देशभर में यूजीसी के खिलाफ धरना प्रर्दशन जारी है। सवर्ण समाज यूजीसी की पूरी खिलाफत कर रहा है। साथ ही लगातार केंद्र सरकार से इस काले और भेदभाव भरे कानून को वापस लेने की मांग कर रहा है। रविवार को नोएडा, बुलंदशहर, हाथरस समेत अन्य जगह बैठक और विरोध प्रदर्शन हुआ। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गजियाबाद, बुलदंशहर में सवर्ण समाज संघर्ष समिति, विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा, ब्राह्मण एकता संगठन से जुड़े हुए लोग सड़कों पर उतरे। हाथरस में आरएसपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रमुख मार्केट को बंद रखा गया।
विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के अधिवक्ता पंडित पीतांबर शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यूजीसी लागू किया यह सवर्ण विरोध है। साथ ही इस कानून ने भाजपा की सवर्ण विरोधी नीति को उजागर किया है। फर्जी एससी और एसटी एक्ट की तरफ ही यूजीसी का भी सवर्ण समाज को कमजोर करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। सवर्ण समाज ने साफ कहा है कि अगर यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता है तो उग्र प्रद्रर्शन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
बुलंदशहर में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए संजय शर्मा, गंगा शरण शर्मा, अधिवक्ता दिनेश आदि ने बताया कि जनवरी माह में केंद्र सरकार ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में यूजीसी लागू किया था। यह कानून पूरी तरह भाजपा की सवर्ण विरोध नीति को उजागर करता है। क्योंकि जिस तरह फर्जी एससी और एसटी एक्ट लगवाया जा रहा है, उसी तरह यूजीसी भी सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य के लिए खतरा पैदा करता है। छात्र को पहले ही अपराधी मान लिया गया है। रंजिशन झूठे मामले में फंसाने की घटनाओं में इजाफा होगा। ऐसे में झूठी शिकायत कर सवर्ण समाज के बच्चों के करियर को बर्बाद करने से इनकार नहीं किया जा सकता है। साथ ही पढ़ाई के दौरान छात्रों में और अधिक जातिवाद पैदा होगा। यूजीसी कानून लगने की वजह से एक—दूसरे के करीब आने से भी डर की वजह से परहेज करेंगे।
आरएसपी जिला अध्यक्ष लोकेश भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा। ब्राह्मण समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होने बताया कि राजद की प्रवक्ता कंचन यादव ने हालही में एक बयान दिया है, जिसमें उसने कहा कि यूजीसी के जरिए सवर्ण समाज के युवाओं को फंसाने की बात कही है। ताकि वह आगे न बढ़ सके। इस कानून का बड़ी संख्या में दुरुपयोग होगा।
इस मौके पर मास्टर परमानंद शर्मा, मास्टर रामकुमार शर्मा, मास्टर रतन शर्मा, अधिवक्ता ज्ञानचंद शर्मा, रामवीर शर्मा, ठाकुर मलखान सिंह, वेद प्रकाश मेंबर, ओमेंद्र सिसोदिया, जग भूषण गर्ग, मांगेराम शर्मा, प्रदीप रावल, राजकुमार शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, रामेश्वर बंसल आदि मौजूद रहे। विरोध प्रदर्शन में संजय शर्मा, गंगा शरण शर्मा, उपेंद्र पंडित, अधिवक्ता दिनेश, प्रवीण शर्मा, लोकेश भारद्वाज, दिनेश भारद्वाज, बबली शर्मा, भानु प्रताप, पंकज शर्मा, शेलद्र शर्मा, मनोज पाठक, विमल शर्मा, शोभित वाजपेयी, सोनू पाठक आदि शामिल हुए।
एससी एवं एसटी एक्ट को दबाने के लिए बनाया गया यह नियम
सनातनी बाबा कन्हैया जी धाम बालापुर ने कहा कि यह कानून एससी एवं एसटी एक्ट को दबाने के लिए बनाया गया है। जिसमें ओबीसी को साथ लेकर वोटों की राजनीति की गई है। ताकि 85 प्रतिशत को देश की आबादी को एससी एसटी से बाहर हो सके और सवर्ण समाज इसका दंश झेलता रहे। उन्होंने मांग की है कि पूरे देश में जाति शब्द को हटा दिया जाए और सब समान कर दिए जाएं।




