डेंगू का कहर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महिला ने तोड़ा दम, ग्रीन कॉरिडोर भी न बचा सका जान

ग्रेटर नोएडा वेस्ट – ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाइनिस सोसाइटी में डेंगू का कहर एक बार फिर देखने को मिला। सोसाइटी में रहने वाली 33 वर्षीय कविता त्रिपाठी की डेंगू से मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कविता त्रिपाठी पिछले कई दिनों से तेज बुखार और प्लेटलेट्स की तेजी से गिरती संख्या के कारण यथार्थ अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में भर्ती थीं। हालत गंभीर होने पर, गुरुवार देर रात चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल रेफर किया। इस दौरान प्रशासन और पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीज को तेजी से दिल्ली पहुँचाया गया।
हालांकि तमाम प्रयासों और चिकित्सकीय देखभाल के बावजूद शुक्रवार सुबह कविता त्रिपाठी ने अंतिम सांस ली।
परिजनों के अनुसार, कविता की तबीयत कुछ दिनों पहले बिगड़ी थी और शुरुआती दौर में इसे वायरल बुखार समझा गया। जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई। लगातार प्लेटलेट्स गिरने और ब्लीडिंग की समस्या ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश और भय
पंचशील हाइनिस और आसपास की सोसाइटीज़ में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों में भारी चिंता और नाराज़गी देखी जा रही है। निवासियों ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, ठंडे पानी के कंटेनरों को नियमित रूप से साफ करें, फुल स्लीव कपड़े पहनें और मच्छर निरोधक उपायों का उपयोग करें।
परिजनों की अपील
कविता त्रिपाठी के परिवार ने जनता और प्रशासन से आग्रह किया है कि डेंगू को हल्के में न लें और शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं और जागरूकता समय रहते बढ़ाई जातीं, तो शायद कविता की जान बचाई जा सकती थी।




