Noida: शहर में प्रॉपट्री खरीदना होगा महंगा, 3.58 फीसदी की की गई बढ़ोतरी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परिसंपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक कई मायने में बहुत खास रही। शनिवार को बोर्ड बैठक में ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्ग मीटर एरिया तक के बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत दे दी है। नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए बकाया प्रीमियम व लीज डीड के विलंब शुल्क के ब्याज पर राहत देने लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी गई है।
यह ओटीएस कार्यालय आदेश जारी होने की तिथि से छह माह के लिए लागू होगी। प्राधिकरण के संपत्ति विभाग की तरफ से बहुमंजिला फ्लैटों के आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है। ओटीएस के लागू होने से प्रीमियम की बकाया धनराशि और लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है और प्रीमियम के डिफॉल्ट धनराशि पर दंड ब्याज नहीं लगेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए परिसंपत्तियों की नई आवंटन दरें तय कर दी हैं। इस बार सभी तरह की संपत्तियों के मौजूदा आवंटन दरों में 3.58 फीसदी की मामूली वृद्धि की गई है। कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के आधार पर यह वृद्धि की गई है। सरकारी व अर्द्धसरकारी विभागों को प्रचलित आवासीय दरों पर ही भू-आवंटन किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान आंवटन दरों में कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स के हिसाब से मामूली वृद्धि की गई है।
जाम से मिलेगी मुक्ति
परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट और पी-3 गोलचक्कर और उसके आसपास के एरिया को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पहल की है। प्राधिकरण आईआईटी दिल्ली को हायर करने जा रहा है, ताकि परी चौक से एलजी चौक और नॉलेज पार्क एरिया तक ट्रैफिक के पूर्ण समाधान का प्लान तैयार किया जा सके। संस्था डिजाइन तैयार करेगी और कॉन्ट्रैक्टर का चयन करने के लिए आरएफपी तैयार करेगी। साथ ही निर्माण के दौरान आईआईटी दिल्ली ही प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग भी करेगी। बता दें, कि परी चौक ग्रेटर नोएडा का सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है। यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। यहां के ट्रैफिक की समस्या को हल करना प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है।




