2000 होम बायर्स की रजिस्ट्री पर हाईकोर्ट का बड़ा दखल, बिल्डर-UPSIDC के विवाद की कीमत क्यों चुकाएं खरीदार?
73 होम बायर्स ने खटखटाया इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा, UPSIDC के CEO को 6 सप्ताह में कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश

ग्रेटर नोएडा। Paramount Golf Forest के करीब 2000 होम बायर्स की लंबे समय से अटकी रजिस्ट्री का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। रजिस्ट्री में देरी को लेकर 73 होम बायर्स ने Writ Petition No. 34921 of 2026 — Sunil Kumar Singh & Others vs. State of U.P. & Others दाखिल की है।
मामले में माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1 सितंबर 2026 के आदेश में CEO, UPSIDC को याचिकाकर्ताओं के प्रतिनिधित्व पर संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए 6 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
खरीदारों का सवाल—पूरा पैसा दिया, कब्जा मिला, फिर रजिस्ट्री क्यों रुकी?
होम बायर्स के अनुसार उन्होंने अपनी संपत्तियों का पूरा भुगतान कर दिया है और उन्हें कब्जा भी प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद बिल्डर और UPSIDC के बीच कथित बकाया/देनदारी से जुड़े विवाद के चलते उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री लंबित है।
खरीदारों का मुख्य तर्क है कि बिल्डर और UPSIDC के बीच वित्तीय अथवा अन्य विवाद में उन खरीदारों की क्या भूमिका है, जिन्होंने अपनी पूरी देनदारी चुका दी है?
खरीदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से अनुबंध के तहत आवश्यक भुगतान पूरा किया है। ऐसे में किसी तीसरे पक्ष के विवाद के कारण उनकी संपत्ति के स्वामित्व का वैधानिक हस्तांतरण अनिश्चितकाल तक लंबित रहना गंभीर चिंता का विषय है।
2000 परिवारों के सामने बड़ा सवाल
Paramount Golf Forest से जुड़े लगभग 2000 होम बायर्स इस रजिस्ट्री विवाद के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। खरीदारों के लिए मामला सिर्फ कागजों पर रजिस्ट्री का नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से खरीदी गई संपत्ति पर कानूनी और वैध स्वामित्व सुनिश्चित करने का है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब UPSIDC के स्तर पर मामले की सुनवाई और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। 6 सप्ताह की समयसीमा से प्रभावित खरीदारों में यह उम्मीद जगी है कि मामले पर अब समयबद्ध तरीके से निर्णय होगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी उम्मीद
73 खरीदारों द्वारा दाखिल याचिका में उठाए गए मुद्दे का प्रभाव केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहने की संभावना है, क्योंकि Paramount Golf Forest के करीब 2000 होम बायर्स की रजिस्ट्री लंबित होने का दावा किया जा रहा है।
अब निगाहें UPSIDC की सुनवाई और उसके बाद होने वाले निर्णय पर हैं। खरीदारों की मांग है कि जो लोग अपनी संपत्ति का पूरा भुगतान कर चुके हैं और अन्य आवश्यक शर्तें पूरी करते हैं, उनकी रजिस्ट्री के रास्ते में यदि कोई वैधानिक बाधा नहीं है तो उसे शीघ्र दूर किया जाए।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद Paramount Golf Forest के हजारों खरीदारों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित रजिस्ट्री विवाद अब निर्णायक चरण में पहुंचेगा।



