न्यू नोएडा का मास्टर प्लान तैयार, 20,911 हेक्टेयर में बसेगा नया शहर; 6 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

नोएडा, 14 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए न्यू नोएडा परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाले न्यू नोएडा का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। करीब 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस नए औद्योगिक शहर में उद्योगों, व्यावसायिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। परियोजना के तहत वर्ष 2030 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 से 6 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
चार चरणों में होगा विकास
न्यू नोएडा का कुल नियोजित क्षेत्र लगभग 209.11 वर्ग किलोमीटर है। इसे चार चरणों में विकसित करने की योजना है। नोएडा के मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए नए शहर में औद्योगिक इकाइयों और निवेशकों के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
37 गांवों में जमीन अधिग्रहण की तैयारी
परियोजना के पहले चरण में 37 गांवों की जमीन से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। इनमें बुलंदशहर के 24 और गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव शामिल हैं। किसानों से बातचीत करने और जमीन के दस्तावेज, मालिकाना हक तथा राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने के लिए दादरी, बुलंदशहर और सिकंदराबाद में कैंप लगाने की योजना है। जमीन खरीद की प्रक्रिया में आपसी सहमति को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
किसानों को मिलेगा मुआवजा और आबादी भूखंड
योजना के तहत किसानों को जमीन के बदले मुआवजे के साथ आबादी भूखंड देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार, पहले और दूसरे चरण में 6 प्रतिशत तथा तीसरे और चौथे चरण में 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ देने की बात कही गई है। हालांकि, इसका वास्तविक स्वरूप संबंधित प्राधिकरण की नीतियों और अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं पर भी जोर
नोएडा प्राधिकरण की करीब 35 हजार करोड़ रुपये की 120 परियोजनाओं को आगामी पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) में शामिल करने की योजना है। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल बताई गई हैं। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
तीन मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव
न्यू नोएडा की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए तीन मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। इनके माध्यम से बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति होते हुए गौर सिटी जैसे क्षेत्रों को जोड़ने की योजना बताई गई है। हालांकि, इन कॉरिडोर की मंजूरी, निर्माण और समयसीमा को लेकर अंतिम जानकारी संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
2030 तक रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य
न्यू नोएडा परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक निवेश बढ़ाने, नए उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, यह प्रस्तावित लक्ष्य है। इसकी सफलता जमीन अधिग्रहण, बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की गति पर निर्भर करेगी।




