बस हादसा: पोस्टमॉर्टम हाउस में पायल देखकर रोने लगा नातिन, अभी अन्य की पहचान जारी

जेवर -यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार आधी रात महोबा जा रही स्लीपर एसी बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में आठ पुरुष और एक महिला ऊषा देवी शामिल हैं। उनकी पहचान पांव में पहनी पायलों से परिजनों ने की। पोस्टमॉर्टम हाउस में ऊषा की पायल देखकर उनकी नातिन आयुषी बिलख पड़ीं।
हादसा जेवर क्षेत्र में 33 किलोमीटर पर रात करीब 11:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद बस के अंदर फंसे यात्री मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कोई अंदर नहीं जा सका। करीब दो घंटे तक बस जलती रही। रात करीब 1:30 बजे दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के करीब 10 मिनट में पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद पुलिस और दमकल की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया और कुछ यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को अस्पताल भेजा गया। करीब 30 मिनट में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
आग बुझने के बाद बस का पिछला हिस्सा कटर से काटकर फोरेंसिक टीम ने अंदर प्रवेश किया। बस में शव बुरी तरह जल चुके थे और कई जगह कंकाल के रूप में मिले। तीन यात्रियों की त्वचा सीट से चिपकी मिली। कुछ शव गैलरी और फर्श से चिपके थे। शवों को बाहर निकालने में करीब 45 मिनट लगे।
प्रारंभिक जांच में आग शॉर्ट सर्किट से एसी में लगने की आशंका जताई जा रही है। बस के अंदर सीट, प्लास्टिक, पर्दे और फाइबर के कारण आग तेजी से फैली। धुआं भरने से यात्रियों का दम घुटने की भी आशंका है। रेस्क्यू टीम के अनुसार बस में करीब 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों के परिजन लापता लोगों की तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं।
शव बुरी तरह जल जाने से उनकी पहचान होने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस अब कागजी कार्रवाई पूरी कर डीएनए कर सकती है। इसके बाद शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे



