Noida: देश के शहद का विश्वस्तर पर डंका, इटली-ओमान और नीदरलैंड तक पहुंची मांग
35 से अधिक बड़े खरीदारों ने दिखाई दिलचस्पी, शुरुआती दिनों में 150 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने की खरीदारी

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का मंगलवार को समापन हो गया है। अमरोहा के ग्रामीण हुनर और जैविक उत्पादों का डंका बज रहा है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टाल पर प्रदर्शित प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के उत्पादों को विदेशी और घरेलू खरीदारों ने हाथों-हाथ लिया।
कभी गांव की चौखट से शुरू हुआ यह सफर अब ट्रेड शो के मंच पर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गया है। इटली, ओमान और नीदरलैंड की कंपनियों ने बड़े निर्यात सौदों के लिए एमओयू किए हैं। ट्रेड शो में पहुंचे विदेशी खरीदारों के बीच हितेश चौधरी के एफपीओ द्वारा तैयार किए गए प्राकृतिक शहद और मिलेट्स कुकीज की सबसे अधिक मांग रही। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने शहद के आयात के लिए आधिकारिक एमओयू किया है। नीदरलैंड के खरीदारों ने टन के हिसाब से बल्क सप्लाई की मांग रखी है, जबकि शुरुआत में 1,000 से 1,500 बोतलों के पहले बैच पर सहमति बनी है।
वहीं, इटली के खरीदारों ने ज्वार और रागी से बनी कुकीज के लिए अनुबंध किया है, जिसके लिए 1,600 से 2,000 प्रति किलो के भाव पर समझौता हुआ है। एफपीओ के सभी उत्पाद एपीडा और पीजीएस द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रमाणित हैं। बागपत के प्रमुख एफपीओ और ‘डॉक्टर मोरिंगा’ सहित करीब 10 से 15 घरेलू कंपनियों और एफपीओ ने उत्पादों की आपूर्ति के लिए बातचीत पूरी कर ली है। इसके अलावा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे परिवारों ने बड़ी संख्या में स्टॉल पर आकर खरीदारी की।
कमल ककड़ी का अचार और लेमनग्रास उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में आने वाले खरीदारों के लिए एफपीओ के नवाचारी उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सब्जी के रूप में खाई जाने वाली कमल ककड़ी का अचार, करौंदे, आंवले और लहसुन के पारंपरिक अचार को खरीदारों ने खूब पसंद किया। वहीं, दूध से 10 गुना अधिक कैल्शियम वाले मोरिंगा पाउडर, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा तथा लेमनग्रास से तैयार टी, ऑयल, हैंड सैनिटाइजर और फिनाइल की भी जमकर बिक्री हुई। पूरी तरह हैंडमेड और केमिकल-मुक्त होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक शहरी उपभोक्ताओं ने इन उत्पादों को प्राथमिकता दी।



