Noida: बार काउंसिल ने बार अध्यक्ष का किया लाइसेंस निरस्त, वायुसेना में रहते एलएलबी करने से जुड़ा मामला
मामला वीरेंद्र सिंह की ओर से 22 फरवरी 2021 को दाखिल शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनोज भाटी 22 फरवरी 1991 से 30 अप्रैल 2009 तक भारतीय वायुसेना में सेवा में रहे।

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज कुमार भाटी का वकालत का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। समिति ने उनकी तीन वर्षीय एलएलबी डिग्री को अमान्य और अवैध मानते हुए इसे अधिवक्ता अधिनियम-1961 की धारा 35 के तहत कदाचार माना है। साथ ही बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष छत्रपाल सिंह को अग्रिम आदेश तक कार्यवाहक अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
मामला वीरेंद्र सिंह की ओर से 22 फरवरी 2021 को दाखिल शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मनोज भाटी 22 फरवरी 1991 से 30 अप्रैल 2009 तक भारतीय वायुसेना में सेवा में रहे। इसी दौरान उन्होंने विभागीय अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से पत्राचार के जरिए स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वर्ष 2004 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध जनहित कॉलेज ऑफ लॉ, ग्रेटर नोएडा में तीन वर्षीय एलएलबी में प्रवेश लिया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वायुसेना में तैनाती के दौरान कॉलेज से करीब 2,000 किलोमीटर दूर रहते हुए भी रिकॉर्ड में 76 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। समिति ने नौ बिंदुओं पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी बिंदुओं पर शिकायतकर्ता के पक्ष में निष्कर्ष दिया। आदेश में कहा गया कि परिस्थितियों में इतनी उपस्थिति संभव नहीं थी और अटेंडेंस शीट से संकेत मिलता है कि भाटी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को कक्षाओं में उपस्थित कराया गया।
वहीं, मनोज भाटी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उन्होंने वायुसेना से अनुमति लेकर पढ़ाई की थी। उन्होंने अपनी डिग्रियों को वैध बताया और शिकायत को द्वेषपूर्ण करार दिया। हालांकि समिति के अनुसार उन्होंने अपने बचाव में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद समिति ने उनका लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।




