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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ा कुत्तों का आतंक, 31 इलाके घोषित हुए हॉटस्पॉट

नोएडा: अगर आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के सेक्टर-130, सेक्टर-110, नंगली-वाजिदपुर, बिसरख, दुजाना या अच्छेजा जैसे इलाकों में रहते हैं तो सतर्क हो जाइए। क्योंकि इन इलाकों को आवारा और पालतू कुत्तों के हमलों के चलते हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।

छह महीने में कुत्तों के हमले की बढ़ी घटनाएं

स्वास्थ्य विभाग ने 2024 की पहली छमाही के आंकड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। जिला अस्पताल और हेल्थ सेंटर्स में इन इलाकों से सबसे ज्यादा लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे, जिससे यह साफ हो गया कि इन क्षेत्रों में कुत्तों के हमले ज्यादा हो रहे हैं।

बिसरख ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चार ब्लॉक के 31 क्षेत्रों को कुत्तों के हमले के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें सबसे अधिक 16 क्षेत्र बिसरख ब्लॉक में हैं।

नसबंदी और नियंत्रण के लिए टीमें भेजी जा रही

रिपोर्ट के आधार पर नोएडा प्राधिकरण और एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर के माध्यम से इन इलाकों में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए टीम भेजी जाती है। हालांकि पूरे जिले में फिलहाल केवल एक ही ABC केंद्र है, जहां प्रतिदिन सिर्फ 30 कुत्तों की नसबंदी संभव है।

2025 में चिन्हित किए गए नए हॉटस्पॉट क्षेत्र

भंगेल ब्लॉक:

सेक्टर-130, सेक्टर-110, नंगली-वाजिदपुर गाँव

बिसरख ब्लॉक:

बिसरख, हल्दौनी, नंगला-चरनदास, दुजाना, अच्छेजा, पलवारी, सदरपुर, बरौला, जेजे कॉलोनी (सेक्टर-8 और 9), हरौला (सेक्टर-5), पतवाड़ी, छपरौला, कुलेसरा, मिर्जापुर

दनकौर ब्लॉक:

ओमीक्रान-1, 2, 3, डाढा, कासना, अट्टा फतेहपुर, जलपुरा, खरेली हाफिजपुर, उस्मानपुर, कनारसी

जेवर ब्लॉक:

मोहल्ला व्यापारान, जहांगीरपुर, रबूपुरा, फलैदा, थोरा

आरडब्ल्यूए-एओए को नोटिस, नियमों का उल्लंघन

कई आरडब्ल्यूए और एओए ने अपने स्तर पर कुत्तों की फीडिंग और घुमाने के लिए नियम बनाए थे। लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने AWBI (Animal Welfare Board of India) के नियमों के उल्लंघन पर उन्हें नोटिस जारी किए हैं।

पांच साल में 36 हजार से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी

पिछले पांच वर्षों में एबीसी केंद्र में 36,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जा चुका है, लेकिन मौजूदा संसाधनों के चलते पूरी समस्या पर नियंत्रण पाना अब भी चुनौती बना हुआ है।

 

Divya Gupta

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