Noida: ग्रेनो के किसानों की मुआवजे की रकम का PNB के कर्मचारियों ने किया 150 करोड़ का गबन! उच्चस्तरीय जांच की मांग
पासबुक में पहले करीब 89 लाख रुपये की रकम दर्ज थी, जबकि अब खाते में केवल एक लाख 29 हजार रुपये होने की जानकारी मिली है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई—1 स्थित ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में किसानों के मुआवजे की रकम में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक में जमा किसानों की करोड़ों रुपये की रकम खातों से गायब कर दी गई। कई किसानों की एफडी तोड़कर रकम दूसरे खातों में भेजने की भी शिकायत है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 150 लोग इस मामले से प्रभावित हैं और घोटाले की रकम भी अधिक है। बीटा—2 कोतवाली पुलिस को मामले की शिकायत दी गई है। घटना का पता चलने के बाद से किसानों में आक्रोश है। विरोध में उन्होंने हंगामा किया।
चैनपाल प्रधान बिरौंड ने बताया कि करीब 150 किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की बात सामने आई है। किसानों के मुआवजे की रकम बैंक में जमा थी, लेकिन अब खातों में पैसे नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन भी किसानों के साथ खड़े हैं और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ब्रिजेश भाटी ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पासबुक में 89 लाख, खाते में मिले सिर्फ 1.29 लाख रुपये
बिरौंडी निवासी सोनू सागर ने बताया कि उनके पिता का खाता भी इसी शाखा में है। उनके अनुसार, पासबुक में पहले करीब 89 लाख रुपये की रकम दर्ज थी, जबकि अब खाते में केवल एक लाख 29 हजार रुपये होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 से खाते से फर्जी तरीके से रकम निकाली गई। छह जून 2025 को 25 लाख, 20 लाख और पांच लाख रुपये निकाले गए। इसके दो दिन बाद 21 लाख रुपये और निकाल लिए गए। सोनू का कहना है कि उनके परिवार ने ये रकम नहीं निकाली। अब वे बैंक से लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड जुटा रहे हैं।
एफडी की रकम भी दूसरे खातों में भेजने का आरोप
क्यामपुर निवासी अतेंद्र ने बताया कि उनकी बैंक में 15 लाख रुपये की एफडी थी। आरोप है कि एफडी की रकम निकालकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेज दी गई और उनका खाता खाली हो गया। उन्होंने अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है। संजय ने बताया कि उनकी 10 लाख रुपये की एफडी गायब हो गई। करीब 10 से 15 दिन पहले उन्होंने खाते की जांच कराई थी, तब एफडी मौजूद थी। लेकिन दोबारा बैंक पहुंचने पर एफडी नहीं मिली। उन्होंने इस मामले में बैंक से जवाब मांगा है।
बिरौंडी निवासी हनीफ ने बताया कि उन्हें दूसरे लोगों के माध्यम से खातों से रकम गायब होने की जानकारी मिली। जांच कराने पर उनके करीब 39 लाख रुपये गायब होने का पता चला। उनका कहना है कि बैंक मैनेजर ने अन्य अधिकारियों से बातचीत कर एक महीने में रकम वापस कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
बेटी के इलाज की चिंता, पीड़ित परिवार परेशान
मुनेश ने बताया कि उनके पति के नाम पर 10 लाख रुपये की एफडी थी और खाते में भी कुछ रकम जमा थी। अब रकम नहीं मिलने से परिवार आर्थिक संकट में है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांग है और उसका इलाज चल रहा है। ऐसे में पैसे गायब होने से परिवार को बेटी के उपचार की चिंता सता रही है। बैंक कर्मचारियों ने 10 से 15 दिन में रकम वापस कराने का आश्वासन दिया है।
भारीतय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि करीब 130 से 150 करोड़ रुपये का गबन बैंक के कर्मचारियों ने किया है। ग्रेटर नोएडा जोन के एडीसीपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



