कैंसर को मात देने वाली महिलाओं ने रैंप वॉक कर दिया साहस का संदेश, यथार्थ हॉस्पिटल ने किया सम्मानित

नई दिल्ली। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन में शनिवार, 24 अक्टूबर को पिंक अक्टूबर के तहत स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्तन कैंसर को मात दे चुकी महिलाओं ने रैंप वॉक कर अपने साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया। अस्पताल की ओर से इन महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्तन कैंसर के लक्षणों, समय पर जांच और आधुनिक उपचार के महत्व पर जानकारी दी। अस्पताल के वाइस चेयरमैन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हीमैटोलॉजी डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी और वाइस चेयरमैन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. राजीव कुमार ने महिलाओं से स्तनों में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की अपील की।
डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी ने कहा कि स्तन कैंसर के उपचार में समय पर पहचान महत्वपूर्ण है। नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित समय पर उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। वहीं, डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि सर्जरी का निर्णय बीमारी की अवस्था और मरीज की स्थिति के आधार पर लिया जाता है। आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से उपचार के साथ मरीज की जीवन गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कैंसर सर्वाइवर्स की रैंप वॉक रही। महिलाओं ने अपनी भागीदारी के माध्यम से कैंसर के बाद भी सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया। इस अवसर पर भरतनाट्यम सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन की यूनिट हेड रेनू त्यागी ने कहा कि कैंसर से उबर चुकी महिलाओं का साहस दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। पिंक अक्टूबर का उद्देश्य महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में केशव सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार गोयल, महासचिव ओम शर्मा, संयुक्त सचिव प्रदीप गुप्ता तथा इंद्रप्रस्थ सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष एवं संस्थापक ओम प्रकाश कौशिक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच और उपचार को प्रोत्साहित करने तथा कैंसर से उबर चुकी महिलाओं के साहस को सम्मान देने का संदेश दिया गया।




