Noida: ग्रेनो प्राधिकरण पर किसानों का बड़ा आरोप, बोर्ड बैठक में एजेंडे शामिल न करने पर आंदोलन का ऐलान
संयोजक वीर सिंह नागर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्राधिकरण की तरफ से लगातार झूठे आश्वासन देकर किसानों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से शनिवार को 143वीं बोर्ड बैठक आयोजित की गई। किसानों ने आरोप लगाया है कि बोर्ड बैठक में मुआवजा बढ़ाने, प्लॉट और अन्य मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया। किसानों की माने तो आंदोलनों और लिखित मांगों के बाद भी उनके एक भी मुद्दे को बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं करना अन्याय और विश्वासघात है।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि प्राधिकरण के समक्ष बार-बार यह मांग रखी गई थी कि आबादी निस्तारण, मुआवजा वृद्धि, 10 प्रतिशत प्लॉट, लीजबैक जैसे बुनियादी मुद्दों पर ठोस निर्णय लिया जाए। लेकिन प्राधिकरण ने इन सभी मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। प्रशासन किसानों को अधिकार देने के बजाय उन्हें टालने और कमजोर करने की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि प्राधिकरण इस क्षेत्र का नियोजित विकास करना चाहता है, या फिर जानबूझकर अव्यवस्था की तरफ धकेल रहा है। किसान सभा के प्रवक्ता जगबीर नंबरदार ने कहा कि प्राधिकरण की नीतियां क्षेत्र के विकास के खिलाफ जा रही हैं। पहले मुआवजा वृद्धि का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके विपरीत, प्राधिकरण की निष्क्रियता और मिलीभगत के कारण क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का विस्तार हो रहा है, जिससे योजनाबद्ध विकास पूरी तरह पटरी से उतर रहा है।
संयोजक वीर सिंह नागर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्राधिकरण की तरफ से लगातार झूठे आश्वासन देकर किसानों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। यदि जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो किसान सभा व्यापक और निर्णायक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



