Noida: यूपी में प्रीपेड बिजली मीटर के बदले नियम, ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत
अब सभी स्मार्ट मीटर सामान्य एवं पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही काम करेंगे। प्री-पेड नाम की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

यूपी सरकार ने बिजली के प्री-पेड मीटर की व्यवस्था को खत्म करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। बहुमंजिला अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लाखों बिजली उपभोक्ताओं को इसका फायदा होगा। राज्य सरकार अपार्टमेंट्स में लागू अनिवार्य प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के कड़े रुख और निर्देशों के बाद पावर कॉरपोरेशन अब इस व्यवस्था को बदलकर पारंपरिक पोस्टपेड मीटर प्रणाली लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
प्री-पेड सिस्टम खत्म
अब सभी स्मार्ट मीटर सामान्य एवं पोस्ट-पेड मीटर की तरह ही काम करेंगे। प्री-पेड नाम की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। जैसे पहले महीने भर की बिजली इस्तेमाल के बाद बिल आता था, वैसे ही अब 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले 10 दिन में SMS या WhatsApp पर भेजा जाएगा। महीने के अंदर बकाया होने पर भी बिजली नहीं काटी जाएगी। पुराना बकाया हो तो 10 किश्तों में भरने की सुविधा मिलेगी। पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से बदलने का काम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
इसलिए लिया गया फैसला
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने चार मई 2026 को एक्स पर इसकी घोषणा की। उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कट जाती थी, बैलेंस तेजी से खत्म होना, रीडिंग की पारदर्शिता न होना जैसी शिकायतें थीं। हर महीने की 10 तारीख तक बिल आएगा।25 तारीख तक जमा करने का समय होगा। एक महीने का बकाया होने पर बिजली नहीं कटेगी। इस फैसले के बाद यूपी के करीब 75 लाख उपभोक्ताओं को राहत देगा जिनके मीटर बिना सहमति प्रीपेड कर दिए गए थे। अब उन सभी को पोस्टपेड में बदला जाएगा और प्रीपेड में जमा बैलेंस नए खाते में जुड़ जाएगा।



