Noida: डंपिंग की वजह से ग्रामीणों की बढ़ी सांस लेने में तकलीफ, भाकियू की प्राधिकरण की एसीईओ के साथ हुई बैठक
सूरज ने बताया कि पूरे शहर के कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है। अस्तौली और आस-पास के लोगों का रहना दूभर हो गया है।

अस्तौली गांव में स्थित डंपिंग ग्राउंड को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ और ग्रामीणों की एक बैठक हुई। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना, सुनील प्रधान, विनोद प्रधान, सूरज भाटी आदि लोग मौजूद रहे। सभी ने कहा कि डंपिग ग्राउंड की वजह से बदबू आने से सांस संबंधित समस्याएं बढ़ रही है। उन्होंने डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग की है।
बता दें कि, अस्तौली गांव में स्थित डंपिंग ग्राउंड का विरोध शुरू हो गया है। कूड़ा डंप करने की वजह से क्षेत्र में बदबू फैलने लगी है। जिसकी वजह से ग्रामीणों का रहना दूभर हो गया है और सांस संबंधित समस्याएं खड़ी हो गई। छह मई को फतेहपुर, बाजरपुर, देवटा, सरकपुर, हिरनोटी समेत आठ से दस गांवों के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर डंपिंग ग्राउंड का काम रुकवा दिया है।
सूरज ने बताया कि पूरे शहर के कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है। अस्तौली और आस—पास के लोगों का रहना दूभर हो गया है। तेज दुर्गंध आने से सांस लेने में दिक्कतें आ रही है। पिछले लंबे समय से ग्रामीण डंपिंग ग्राउंड को हटवाने की मांग करते हुए आ रहे है। राजतिलक ने बताया कि ग्रामीण लगातार 12 अप्रैल से आंदोलनरत है। डंपिंग ग्राउंड की वजह से गांवों में प्रदूषण, गंदगी और दुर्गंध की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
बदबू की वजह से गांव में लोग रह नहीं पा रहे है। उसमें बिजलीघर बनाने जैसे अन्य प्लांट भी लगाए जा रहे है। जिसके लिए भूजल दोहन किया जा रहा है। गांव के पास कूड़ा निस्तारण केंद्र बनने से खेती और पशु पालने में दिक्कतें आएंगी। साथ ही भूजल के स्तर पर भी प्रभाव पड़ेगा।




