Noida: आकर्षक विज्ञापनों से लुभाया गया, अब फ्लैट खरीदारों से की जा रही मनमानी, बिल्डर पर लगे गंभीर आरोप
खरीदारों के अनुसार, बिल्डर फ्लैट का कब्ज़ा (पजेशन) देने या रजिस्ट्री कराने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न कर रहा है।

ग्रेटर नोएडा स्थित आवासीय सोसाइटी कैपिटल एथेना के फ्लैट खरीदार इन दिनों बिल्डर की मनमानी, गलत तरीके से वसूली जा रही शुल्क और उत्पीड़न से परेशान हैं। खरीदारों का आरोप है कि आकर्षक विज्ञापनों और वादों के आधार पर फ्लैट बेचने के बाद अब बिल्डर विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त और अवैध शुल्क लगाने का प्रयास कर रहा है।
खरीदारों के अनुसार, बिल्डर फ्लैट का कब्ज़ा (पजेशन) देने या रजिस्ट्री कराने में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न कर रहा है। विभिन्न प्रकार के अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बना रहा है। वहीं जिन लोगों को फ्लैट का कब्ज़ा मिल चुका है, उनसे ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (OC) जारी होने की तारीख से मेंटेनेंस शुल्क मांगा जा रहा है, जबकि खरीदारों का कहना है कि मेंटेनेंस शुल्क की गणना वास्तविक कब्ज़ा मिलने की तारीख से होनी चाहिए।
निवासियों पर कॉमन एरिया बिजली खर्च के नाम पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। आरोप है कि बिल्डर ने जनरेटर के लिए पहले से जमा कराई गई राशि में से पिछले माह 1500 रूपये एक फ्लैट से जबरन काट लिया। कार्यालय, श्रमिक आवास और निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली बिजली का खर्च भी निवासियों पर डाल दिया है। इसके बाद अब इस महीने तीन हजार रुपये फ्लैट से मेंटेनेंस चार्ज के अलावा लेने की बात कह रहा है। निवासियों का कहना है कि ऐसे खर्चों का पारदर्शी और नियमानुसार हिसाब होना चाहिए।
आरोप है कि पहले से ही उच्च दर पर मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि सोसाइटी में कई मूलभूत सुविधाएं अभी भी नहीं हैं। सोसाइटी के निवासियों ने संबंधित सरकारी विभागों और नियामक संस्थाओं से कई बार शिकायत कर बिल्डर के खातों और बिलिंग व्यवस्था की जांच कराने, अवैध शुल्क वसूली पर रोक लगाने तथा खरीदारों के हितों की रक्षा करने की मांग की है। हालांकि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।



