Noida: 1.60 करोड़ की चोरी में सीए की बड़ी साजिश, गैराज में मिली नोटों की 296 गड्डियां
डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि वासुदेव नाम के एक लॉ फर्म संचालक ने थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई थी।

नोएडा की सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीए फर्म में इनवेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों के ठगी की घटना का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक करोड़ 48 लाख रुपये बरामद किए है। साथ ही उनके कब्जे से एक कार भी बरामद की गई है।
नोएडा डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि वासुदेव नाम के एक लॉ फर्म संचालक ने थाना सेक्टर-20 में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने इनवेस्टमेंट के उद्देश्य से लगभग एक करोड़ 60 लाख रुपये का निवेश करने के लिए सीए आशीष सक्सेना को दिए थे। आशीष के साथ उनके पार्टनर आदर्श, भरत और अवनीश भी काम देखते हैं। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अवनीश ने फर्म में करीब 46 लाख रुपये लगाए थे, लेकिन उसे मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा था। जब उसे पता चला कि आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज में वासुदेव द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये रखे हैं, तो उसने अपने रिश्तेदार जीतू और अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी का फुलप्रूफ प्लान बनाया।
11 अगस्त की रात आरोपियों ने गैराज से भारी नकदी पार कर दी और रकम को अलीगढ़ में छुपा दिया। पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्ध गाड़ियों की पहचान की। गलत नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कार का पीछा करते हुए पुलिस ने पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ा। जिसके बाद पुलिस मुख्य सरगना अवनीश कुमार तक पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेन्द्र उर्फ जीतू, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान आरोपियों को धर दबोचा।
आरोपियों के पास से शत-प्रतिशत बरामदगी के तहत 1 करोड़ 48 लाख रुपये (500-500 के नोटों की 296 गड्डियां) और बिना नंबर की कार बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में जीतू और पवन का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास (आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर और एनडीपीएस) रहा है।




