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एसपीएसयू में इन्ट्रा-मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का आयोजन, रिया सिंह झाला की टीम बनी विजेता

उदयपुर – सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय (SPSU), उदयपुर के फैकल्टी ऑफ लॉ की ओर से इन्ट्रा-मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को विधिक अनुसंधान, संवैधानिक विश्लेषण, मौखिक तर्क-वितर्क और न्यायालयीन प्रस्तुतीकरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना रहा।

प्रतियोगिता में B.B.A. LL.B. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मूट कोर्ट प्रतियोगिता का विषय “शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार, लोक व्यवस्था एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता” रखा गया था। विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्नों पर अपने पक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए।

याचिकाकर्ता पक्ष ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार, लोक व्यवस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक संरक्षण पर जोर दिया। वहीं, प्रतिवादी पक्ष ने मौलिक अधिकारों के नियमन, लोक व्यवस्था बनाए रखने तथा जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के राज्य के संवैधानिक दायित्वों को आधार बनाकर अपनी दलीलें रखीं।

मूट कोर्ट बेंच के समक्ष विद्यार्थियों ने मौखिक तर्क प्रस्तुत किए। बेंच में डॉ. अजय कुमार, कर्नल (डॉ.) एच. पी. सिंह और श्री मोनिल धाबई शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों का मूल्यांकन विधिक एवं तथ्यात्मक समझ, तर्कशक्ति, न्यायिक दृष्टांतों के प्रभावी प्रयोग, बेंच के सवालों के जवाब, न्यायालयीन शिष्टाचार, आत्मविश्वास, स्पष्टता और समग्र वकालत कौशल के आधार पर किया।

प्रतियोगिता के परिणामों में रिया सिंह झाला, चेवुला हसिनी एवं दिशा जैन की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं तन्वी तिवारी एवं प्रिथा पांडे की टीम उपविजेता रही। दोनों टीमों को उनकी बेहतर तैयारी, विधिक तर्कशक्ति, प्रभावी प्रस्तुतीकरण और न्यायालयीन कौशल के लिए सराहा गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. संजय सिन्हा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक विधि शिक्षा प्रदान करने की फैकल्टी ऑफ लॉ की पहल की सराहना की। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. प्रसून चक्रवर्ती ने भी विद्यार्थियों एवं फैकल्टी को व्यावहारिक विधि शिक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. उदयप्रकाश आर. सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों का सहयोग और प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को संवैधानिक व्याख्या, न्यायिक दृष्टांतों के विश्लेषण, विधिक अनुसंधान, मौखिक पैरवी, तार्किक चिंतन और न्यायालयीन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव मिला।

इन्ट्रा-मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सफल आयोजन फैकल्टी ऑफ लॉ की व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक विधि शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Vishnu Pratap

मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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मेरा नाम विष्णु प्रताप है। मेरा जन्म 18 मई 2004 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले में हुआ। पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि एक जुनून है। वर्तमान में मैं Federal Bharat News में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हूं। मुझे अंतरराष्ट्रीय संबंध, इतिहास, राजनीति, युद्ध से जुड़ी खबरें, बिज़नेस और NGO से संबंधित विषयों में गहरी रुचि है। खाली समय में मुझे पढ़ना और अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

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