जीएल बजाज में एडमिशन को लेकर बवाल! ग्रेटर नोएडा की सीट के नाम पर फीस, अब मथुरा भेजने का आरोप; छात्रों का हंगामा

ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज में मंगलवार को एडमिशन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रेटर नोएडा कैंपस में एडमिशन और फीस जमा करने के बाद छात्रों को मथुरा कैंपस में जाने के लिए कहे जाने के आरोपों से नाराज छात्रों ने कॉलेज गेट पर प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा कैंपस में एडमिशन के आधार पर फीस जमा की, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि यहां सीट उपलब्ध नहीं है और उन्हें मथुरा स्थित कैंपस में एडमिशन लेना होगा। छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि एडमिशन ग्रेटर नोएडा कैंपस के लिए हुआ था और उसी आधार पर फीस ली गई, तो अब कैंपस बदलने की स्थिति क्यों पैदा हुई?
“सीट बेचने” से लेकर “दलालों” तक के आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने कॉलेज में सीटों के आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों ने कथित तौर पर “सीट बेचने”, “दलालों की भूमिका” और “धोखाधड़ी” जैसे आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया में असमंजस के कारण उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। छात्रों ने मांग की कि उन्हें उसी कैंपस में पढ़ाई का अवसर दिया जाए, जिसके नाम पर उन्होंने एडमिशन लिया और फीस जमा की थी।
अधिवक्ता उमेश भाटी ने उठाए सवाल
मामले में अधिवक्ता उमेश भाटी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ग्रेटर नोएडा कैंपस में छात्रों का एडमिशन सुनिश्चित नहीं किया जाता है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एडमिशन प्रक्रिया के कारण यदि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होता है, तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और छात्रों को समय रहते उचित राहत मिलनी चाहिए, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर किसी अन्य संस्थान में प्रवेश ले सकें।
समाजवादी छात्र सभा ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी छात्र सभा से जुड़े मोहित नागर ने कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने ग्रेटर नोएडा कैंपस के लिए एडमिशन लिया था, लेकिन अब उन्हें मथुरा भेजने का दबाव बनाया जा रहा है।
मोहित नागर ने सीटों के आवंटन में कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका का भी आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 26 सितंबर के बाद बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
तीन दिन में समाधान का आश्वासन, फिलहाल प्रदर्शन समाप्त
प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्रों को तीन दिन के भीतर मामले का समाधान करने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
अब पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन के अगले कदम पर नजर है। छात्रों ने संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन से भी एडमिशन प्रक्रिया की जांच तथा उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की मांग की है।
हालांकि, छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों पर कॉलेज प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



