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Noida: लॉयड फार्मेसी में आईसीएमआर की पांच दिवसीय कार्यशाला खत्म, नई तकनीक विकसित करने पर हुआ मंथन

कार्यशाला की थीम ‘क्लिनिकल जरूरत से मेडिकल प्रोडक्ट विकास तक एकीकृत मार्ग’ रही। देशभर से मिले 177 पंजीकरणों में से चयन प्रक्रिया के बाद 78 प्रतिभागियों को शामिल किया गया।

लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी में स्वास्थ्य तकनीक, नियमन और नवाचार पर आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हो गई। 6 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्रायोजित किया। इसमें क्लिनिकल जरूरतों की पहचान से लेकर मेडिकल उत्पादों के विकास तक की प्रक्रिया पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

कार्यशाला की थीम ‘क्लिनिकल जरूरत से मेडिकल प्रोडक्ट विकास तक एकीकृत मार्ग’ रही। देशभर से मिले 177 पंजीकरणों में से चयन प्रक्रिया के बाद 78 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। सात से अधिक राज्यों और 25 से अधिक महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने मेडिकल तकनीक, डिजिटल हेल्थ, क्लिनिकल ट्रायल, मेडिकल डिवाइस के नियमन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोमटेरियल्स और आधुनिक औषधि वितरण प्रणालियों पर व्याख्यान दिए। प्रतिभागियों को प्रोटोटाइपिंग, एआई मॉडल, नैनोफॉर्मूलेशन और एचपीएलसी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

अंतिम दिन मेडथेरेपी बायोटेक्नोलॉजी, नोएडा के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय सिंह ने कैंसर उपचार के लिए अगली पीढ़ी की कार-टी थेरेपी पर चर्चा की। नाइपर रायबरेली के डॉ. राहुल शुक्ला ने मस्तिष्क तक दवा पहुंचाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, जयपुर की प्रो. डॉ. रेशु गुप्ता ने मेडिकल डिवाइस के शुरुआती परीक्षण में स्किल लैब की भूमिका समझाई।

समापन सत्र में डीएचआर की साइंटिस्ट-सी डॉ. गीतांजलि सजीना ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं युवा शोधकर्ताओं को विचारों को उपयोगी उत्पादों में बदलने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने स्वदेशी, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। लॉयड ग्रुप की ग्रुप डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने कहा कि शोध का लाभ तभी है, जब प्रयोगशाला में विकसित तकनीक मरीजों तक पहुंचे। अंत में प्रतिभागियों को

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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