Noida: रिठौड़ी गांव में पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में 17 साल बाद आया फैसला, कुख्यात अमित कसाना को सात साल की सजा
दादरी में कारोबारी विनोद गोयल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नंगला गांव निवासी नंदू उर्फ रावण का नाम सामने आया था।

दादरी के रिठौड़ी गांव में 2009 में हुए पुलिस टीम पर हमले के मामले में गैंगस्टर अमित कसाना को जिला अदालत ने दोषी कार दिया है। उसे सात साल की सजा सुनाई गई है। अमित कसाना और उसके गुर्गों ने रिठौड़ी गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग और लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। जिला न्यायालय ने उसे दोषी मानते हुए सात साल की सजा के अलावा 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दरअसल, दादरी में कारोबारी विनोद गोयल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नंगला गांव निवासी नंदू उर्फ रावण का नाम सामने आया था। उन दिनों व्यापारियों में रंगदारी को लेकर नंदू उर्फ रावण का खौफ था। व्यापारी विनोद रंगदारी के मामले में दादरी के व्यापारियों की आवाज बुलंद कर रहे थे। उसी दौरान विनोद की हत्या कर दी गई। साथ ही कारोबारी मुकुल गोयल घायल हुए थे। अब पुलिस को सूचना मिली थी कि नंदू उर्फ रावण रिठौड़ी गांव आया हुआ था।
सूचना मिलने पर पुलिस की टीम वहां पहुंची थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई और लाठी-डंडों से हमला किया गया। मामले में दादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। करीब 17 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।




