Noida: ग्रेटर नोएडा में स्वच्छ ऊर्जा का महाकुंभ शुरू, सौर ऊर्जा से बैटरी स्टोरेज तक नेट-जीरो की राह में बड़ा कदम
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अब केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऊर्जा भंडारण, मजबूत ग्रिड व्यवस्था और घरेलू विनिर्माण को भी तेजी से विकसित करना होगा।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के तीन प्रमुख आयोजनों का भव्य आगाज हुआ। रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (आरईआई) एक्सपो के 19वें संस्करण के साथ द बैटरी शो इंडिया के चौथे संस्करण और एनर्जी स्टोरेज समिट इंडिया के दूसरे संस्करण की शुरुआत हुई। 22 से 24 अक्तूबर तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 1080 से अधिक प्रदर्शक, 1400 वैश्विक ब्रांड और 54 हजार से अधिक उद्योग पेशेवर हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अब केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऊर्जा भंडारण, मजबूत ग्रिड व्यवस्था और घरेलू विनिर्माण को भी तेजी से विकसित करना होगा। इससे नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सकेगी।
इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रस ने कहा कि आयोजन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भारत के स्वच्छ ऊर्जा बाजार में वैश्विक निवेशकों और कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि भारत का नवीकरणीय ऊर्जा बाजार 2030 तक 486 गीगावाट के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जबकि बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार की संभावनाएं हैं।
मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीक के विकास, लागत में कमी और बड़े पैमाने पर उत्पादन से नवीकरणीय ऊर्जा पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बन रही है। आने वाले दो से पांच वर्षों में इस क्षेत्र में विस्तार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे।
सीएसटीईपी इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. जय असुंडी ने घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार, ऊर्जा भंडारण और ग्रिड अवसंरचना में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता हासिल करना और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना है।
स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी ने भारत के साथ स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों, इंजीनियरिंग और बैटरी सेल विनिर्माण में साझेदारी की संभावनाएं रेखांकित कीं।
आयोजकों के मुताबिक, तीन दिवसीय एक्सपो स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के आदान-प्रदान, निवेश और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के साथ भारत की हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


