पंचशील हाईनिश में मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद, एओए के विरोध से लौटी NPCL की टीम; निवासियों में आक्रोश

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। सेक्टर-1 स्थित पंचशील हाईनिश सोसायटी में मल्टीपॉइंट विद्युत कनेक्शन लागू करने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के आदेशों के अनुपालन में प्रस्तावित मल्टीपॉइंट कनेक्शन की प्रक्रिया को सोसायटी की एओए कार्यकारिणी द्वारा बाधित किए जाने का आरोप लगा है। इस घटनाक्रम के बाद सोसायटी के निवासियों में गहरा आक्रोश और तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, NPCL (नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड) की ओर से सोसायटी में मल्टीपॉइंट कनेक्शन लागू करने के लिए पहले ही सर्वे कराया जा चुका है। इसके तहत प्रत्येक फ्लैट में अलग-अलग बिजली मीटर लगाए जाने और उपभोक्ताओं को सीधे विद्युत वितरण कंपनी से जोड़ने की योजना है। इसका उद्देश्य बिजली बिलिंग में पारदर्शिता लाना और निवासियों को अपने बिजली उपभोग एवं भुगतान पर सीधा नियंत्रण देना है।
निवासियों के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को NPCL ने बिल्डर और एओए को अंतिम नोटिस जारी किया था। नोटिस में 28 अक्टूबर से मल्टीपॉइंट कनेक्शन लगाने का काम शुरू करने और मौजूदा सिंगल पॉइंट व्यवस्था को समाप्त करने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, निर्धारित तिथि पर जब NPCL की टीम कार्य शुरू करने सोसायटी पहुंची तो कथित तौर पर एओए की कालातीत कार्यकारिणी और उसके कुछ समर्थकों ने विरोध किया, जिसके चलते टीम को बिना काम शुरू किए वापस लौटना पड़ा।
सिंगल पॉइंट बिजली व्यवस्था पर भी उठे सवाल
निवासियों का आरोप है कि मौजूदा सिंगल पॉइंट व्यवस्था में बिजली रिचार्ज के नाम पर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ निवासियों ने शिकायत की है कि एडवांस रिचार्ज कराने के बावजूद सोसायटी के अन्य बकाया भुगतान नहीं होने पर बिजली रिचार्ज रोक दिया जाता है। इस तरह की शिकायतों के कारण कई बार पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा है।
निवासियों का कहना है कि मल्टीपॉइंट व्यवस्था लागू होने से प्रत्येक फ्लैट मालिक को सीधे NPCL से बिजली का बिल मिलेगा और वह अपने बिजली उपभोग के अनुसार भुगतान कर सकेगा। इससे बिजली बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और बिजली के भुगतान को सोसायटी के अन्य बकायों से अलग रखा जा सकेगा।
NPCL अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल
निवासियों ने NPCL के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सर्वे पूरा हो चुका है, अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका है और काम शुरू करने की तारीख भी निर्धारित थी, तो विरोध के बाद टीम के लौटने पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि अधिकारियों की निष्क्रियता से विवाद और बढ़ सकता है।
इस संबंध में राम मोहन सिंह, सुकृति भट्टाचार्य, भास्कर कानूनगो, मीनाक्षी, इशांक शर्मा, नितिन शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह, संजीव शर्मा सहित कई निवासियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है।
निवासियों ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
निवासियों ने मांग की है कि UPERC के आदेशों एवं लागू नियमों के अनुरूप मल्टीपॉइंट कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया तत्काल दोबारा शुरू कराई जाए। इसके लिए NPCL की टीम को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति कार्य में बाधा उत्पन्न न कर सके।
इसके साथ ही प्रत्येक फ्लैट में अलग बिजली मीटर लगाने की समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने, बिजली रिचार्ज को सोसायटी के अन्य बकाया भुगतान से अलग रखने और NPCL के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी बिजली संबंधी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया और मल्टीपॉइंट कनेक्शन की प्रक्रिया बाधित होती रही, तो सोसायटी में असंतोष और बढ़ सकता है। फिलहाल निवासियों की प्रमुख मांग है कि मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन की व्यवस्था जल्द से जल्द लागू की जाए।




