Noida: अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर की मौत में आया बड़ा फैसला, दो को उम्रकैद, अवैध संबंधों में की गई थी हत्या
2 जनवरी 2018 को शिकायतकर्ता देवेंद्र मान को अपने भाई जितेंद्र मान के एवीजे हाइट्स सोसाइटी स्थित फ्लैट में मृत मिले थे।

अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर और जिम ट्रेनर जितेंद्र मान की हत्या के मामले में जिला अदालत ने मंगलवार को बुलंदशहर निवासी इमरान और नफीस को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों को हत्या की साजिश में शामिल होने और वारदात में सहयोग करने का दोषी माना गया है। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
डीजीसी अपराध ब्रह्मजीत भाटी के मुताबिक, 12 जनवरी 2018 को शिकायतकर्ता देवेंद्र मान को अपने भाई जितेंद्र मान के एवीजे हाइट्स सोसाइटी स्थित फ्लैट में मृत मिले थे। उनका शव कमरे में गद्दे पर कंबल से ढका हुआ मिला। उनके सिर से खून निकल रहा था। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान सृष्टि गुप्ता फ्लैट में आते और जाते हुए कैद हुई। अभियोजन के अनुसार, सृष्टि और इमरान के बीच संबंध थे। जितेंद्र और सृष्टि के संबंधों को लेकर इमरान नाराज था। इसी के चलते जितेंद्र की हत्या की साजिश रची गई। अदालत ने माना कि भले ही दोनों आरोपियों ने खुद जितेंद्र पर गोली नहीं चलाई, लेकिन हत्या की साजिश और वारदात में सहयोग करने के कारण उनकी आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।
सृष्टि गुप्ता की सुनवाई अलग
मामले की आरोपी सृष्टि गुप्ता की सुनवाई अलग चल रही है। सृष्टि ने धारा-311 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत आवेदन दिया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। हाई कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2025 को उसके संबंध में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसी के चलते सत्र न्यायालय ने इमरान और नफीस के खिलाफ कार्यवाही जारी रखी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह मामला मृत्युदंड के लिए निर्धारित ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी में नहीं आता। ऐसे में आरोपियों को उम्रकैद की सजा देना उचित है। अदालत ने जुर्माने की राशि वसूल होने पर उसे मृतक के कानूनी वारिसों को मुआवजे के रूप में देने का निर्देश दिया है।




