Noida: यूपी में पहले 2017 तक चलता था माफिया राज, अब शराब से बढ़ा राजस्व, तेजी के साथ हुआ विकास: पीयूष गोयल
प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स से बदल रही उत्तर प्रदेश की तस्वीर

नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल शो में पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा।
उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है। नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक माहौल को लेकर व्यापारियों और उद्यमियों में निराशा थी। माफिया, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण प्रदेश की विकास क्षमता प्रभावित हो रही थी। 2017 के बाद प्रदेश ने नई दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया।
गोयल के मुताबिक चार संस्करणों की यात्रा में ट्रेड शो का विस्तार हुआ है और इस बार छह पार्टनर देशों, सैकड़ों डेलीगेट्स और बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों एवं प्रदर्शकों की भागीदारी हुई है। उन्होंने कहा कि करीब दो हजार करोड़ रुपये के समझौतों की अपेक्षा के मुकाबले तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के एग्रीमेंट होने की दिशा में गतिविधियां बढ़ी हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं के साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में भी बन रही है। प्रदेश में आने वाला अंतरराष्ट्रीय निवेश और यहां से होने वाला निर्यात इसकी बदलती तस्वीर को दर्शाता है।




