Noida: बुराई पर अच्छाई का धूमधाम से मनाया गया उत्सव, जय श्रीराम के नारों के बीच रावण के पुतले का दहन
रामलीला मंचन के दौरान मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया।

ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित विजय महोत्सव-2026 में दशहरे पर 70 फीट ऊंचे रावण और 65-65 फीट ऊंचे कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इससे पहले रामलीला मंचन के दौरान मेघनाद वध, सुलोचना विलाप, अहिरावण वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने रामायण के इन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ रामलीला मंचन के मुख्य प्रायोजक नॉर्थविंड के निदेशक राजीव जैन, मनोज गर्ग, शौर्य गर्ग, कीर्त गर्ग, आर्जव जैन और समयक जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान गणमान्य लोगों ने भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद लीला मंचन शुरू हुआ।
महासचिव विजेंद्र सिंह आर्य ने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, साहस और मर्यादा को प्रस्तुत किया गया। वहीं, रात नौ बजे तीनों पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान दशहरे के पर्व ने बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग ने कहा कि दशहरा अहंकार, अन्याय और बुराइयों को त्यागकर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। संयुक्त महासचिव सौरभ बंसल ने कहा कि रावण दहन इस बात का प्रतीक है कि अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित है तथा सत्य की सदैव विजय होती है।
मीडिया प्रभारी विनोद कसाना ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। उन्होंने दशहरा महोत्सव में शामिल होने वाले क्षेत्रवासियों का आभार जताया।
21 अक्टूबर को होगा विजय महोत्सव का समापन
श्री रामलीला कमेटी की ओर से 21 अक्टूबर को विजय महोत्सव के अंतिम दिन विभीषण का राजतिलक, भरत मिलाप, श्रीराम राज्याभिषेक, पुरस्कार वितरण और समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने, भाई भरत से मिलन और राज्याभिषेक के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन होगा। साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।




