Noida: मिडिल ईस्ट के देशों में तनाव के बीच दिल्ली फेयर में विदेशी खरीदारों की भीड़, ऑर्डर हुए फाइनल
प्रदर्शकों के स्टॉल पर दिनभर खरीदारों की आवाजाही बनी रही। कई खरीदारों ने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन पसंद करते हुए ऑर्डर भी फाइनल किए।

इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 के दूसरे दिन विदेशी खरीदारों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। यूरोप समेत विभिन्न देशों से पहुंचे खरीदारों ने भारतीय हस्तशिल्प, होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन, फर्निशिंग और फर्नीचर उत्पादों में रुचि दिखाई। प्रदर्शकों के स्टॉल पर दिनभर खरीदारों की आवाजाही बनी रही। कई खरीदारों ने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन पसंद करते हुए ऑर्डर भी फाइनल किए।
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि मेले के दूसरे दिन दुनियाभर के खरीदारों की उत्साहजनक भागीदारी रही। विशेष रूप से यूरोप से बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। हैंडलूम, हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों की थीम आधारित प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पहली बार मेले में पहुंचे कई खरीदारों ने भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की विविधता और व्यापकता को करीब से देखने का अनुभव महत्वपूर्ण बताया।
ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक एवं इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प और होम लाइफस्टाइल उत्पादों के क्षेत्र में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। डिजाइन, उत्पादन, विपणन और तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता बढ़ी है। भारत से लंबे समय से कारोबार कर रहे विदेशी खरीदार इन बदलावों को महसूस कर रहे हैं। भारतीय उद्यमियों की व्यावसायिक दक्षता और निर्माण से लेकर निर्यात तक गुणवत्ता पर दिया जाने वाला ध्यान भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में मजबूत बना रहा है।
विदेशी खरीदारों ने की भारतीय उत्पादों की सराहना
मेले में जर्मनी से पहली बार पहुंचे खरीदार जैन फिलिप ने होम डेकोर, विशेषकर कैंडल होल्डर में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि वह उत्पादों की और अधिक विविधता देखना चाहते हैं और भविष्य में भी मेले में आने की उम्मीद रखते हैं। अमेरिका से दूसरी बार पहुंचीं रिटेल खरीदार स्टेवी बोस्कोविच ने होमवेयर और बैग की विभिन्न श्रेणियों को पसंद किया। उन्होंने उत्पादों की कीमतों को प्रतिस्पर्धी बताया और प्रदर्शकों के सहयोगपूर्ण व्यवहार तथा मेले की सुविधाओं की सराहना की।
ऑस्ट्रेलिया की खरीदार जूडिथ मेज़ोन और केट मालवेनन 2024 के बाद दोबारा मेले में पहुंचीं। दोनों होम डेकोर और फर्नीचर के लिए विशेष डिजाइन तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तलाश रही हैं। उन्होंने भारतीय कारीगरों की बारीकी और कौशल की सराहना की। वहीं, न्यूजीलैंड के लाइफस्टाइल ब्रांड से जुड़ी वनेसा ब्रैमली करीब 30 वर्षों से मेले में आ रही हैं। वह लाइटिंग, गिफ्टवेयर और क्रिसमस सजावट समेत विभिन्न उत्पादों की सोर्सिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत है। उनके मुताबिक, भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है और यह मेला सोर्सिंग के लिए महत्वपूर्ण मंच है।
सोर्सिंग नेटवर्क मजबूत करने के लिए एमओयू
मेले के दौरान ईपीसीएच और सोर्सिंग प्रोफेशनल्स एलायंस के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य निर्यातकों और सोर्सिंग विशेषज्ञों के बीच संपर्क बढ़ाना, बायर-सेलर मीट और बिजनेस नेटवर्किंग को प्रोत्साहित करना तथा जिम्मेदार सोर्सिंग, क्षमता निर्माण और बाजार संबंधी जानकारी साझा करने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए व्यावसायिक अवसर तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।




