Noida: दिल्ली में एंट्री पर GRAP की सख्ती, बॉर्डर पर नाकेबंदी से भड़के ट्रांसपोर्ट
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप का कहना है कि केवल BS-VI मानक का हवाला देकर सड़कों पर चल रहे वाहनों को रोकना उचित नहीं है।

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू की गई पाबंदियों का असर अब ट्रांसपोर्ट कारोबार पर दिखने लगा है। GRAP के तहत दिल्ली में वाहनों के प्रवेश को लेकर सख्ती किए जाने और सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ने से ट्रांसपोर्टर्स में नाराजगी है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने BS-VI मानक के आधार पर वाहनों को रोकने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे हजारों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा मुद्दा बताया है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप का कहना है कि केवल BS-VI मानक का हवाला देकर सड़कों पर चल रहे वाहनों को रोकना उचित नहीं है। यदि किसी यूरो-4 या BS-IV वाहन की निर्धारित फिटनेस अवधि बाकी है और उसके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) है तो उसे दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि अचानक लागू की गई पाबंदियों से हजारों ड्राइवरों, मजदूरों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। ट्रांसपोर्टर्स के लिए रातोंरात नए वाहन खरीदना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार को नियम लागू करने के साथ प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए।
बॉर्डर पर 24 घंटे निगरानी
दूसरी ओर, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। डीसीपी ट्रैफिक सैयद अब्बास अली के मुताबिक, चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और कालिंदी कुंज सहित प्रमुख प्रवेश मार्गों पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा परी चौक और जेवर क्षेत्र में भी 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस गैर-गंतव्य वाहनों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए डायवर्ट कर रही है। वाहन चालकों को एफएम रेडियो और सड़क किनारे लगाए गए साइन बोर्ड के माध्यम से नियमों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, ट्रांसपोर्टर्स ने मांग की है कि प्रदूषण नियंत्रण के साथ उनके रोजगार और आर्थिक नुकसान को भी ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक नीति बनाई जाए।




