Noida: दशहरा के बाद दिल्ली-NCR की बिगड़ी हवा, AQI 238 पहुंचा, दिल्ली में वाहन ले जाते समय बरते यह सावधानी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार दोपहर दिल्ली का AQI 179 था, जो बुधवार सुबह बढ़कर 238 हो गया। इस तरह एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 59 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।

दशहरा के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी सामने आई है। बुधवार सुबह 10 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 238 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को संशोधित ग्रैप व्यवस्था के तहत तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार दोपहर दिल्ली का AQI 179 था, जो बुधवार सुबह बढ़कर 238 हो गया। इस तरह एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 59 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इस सीजन में पहली बार दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंची है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए है। प्रदूषण फैलाने वाली कंपनी को सील करने की कार्रवाई के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
साथ ही एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर एक नवंबर से निर्धारित प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने वाहन के मालिकों से अपील की है कि वो अपने साथ ध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) जरूर रखें।
दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 56 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में AQI 308 और पूसा में 314 दर्ज किया गया। इन दोनों इलाकों में हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। वहीं, आनंद विहार समेत 16 निगरानी केंद्रों पर हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई।
धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नजर
GRAP के पहले चरण में सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा। खुले में कचरा जलाने पर रोक और कचरे के उचित निस्तारण की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच तेज करने, यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और उद्योगों, बिजली संयंत्रों तथा ईंट-भट्ठों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने पर जोर रहेगा।
मौसम में बदलाव से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में बदलाव और हवा की गति में उतार-चढ़ाव के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो सकते हैं। इससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। प्रदूषण के स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। AQI में और वृद्धि होने पर ग्रैप के अगले चरण लागू किए जा सकते हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
बढ़ते प्रदूषण के बीच लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम की सैर के दौरान व्यस्त सड़कों से बचें, खुले में कचरा या पत्तियां न जलाएं और वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र समय पर बनवाएं। जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।


