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Noida: जिंदा जली निक्की भाटी…अब पंचायत ने लिया कंचन को ससुराल भेजने का फैसला, लोग नाराज

कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेंगे परिजनों का कहना है कि कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कासना कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव में हुए चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बहन की मौत के बाद ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाने वाली कंचन भाटी अपने ससुराल ग्रेटर नोएडा वापस जाएगी। यह फैसला करीब नौ महीने तक चले विवाद के बाद हुआ है। साथ ही दोनों परिवार के बीच बच्चों के भविष्य को लेकर भी समझौता हुआ है।

बता दें कि 21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में 26 वर्षीय निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलाकर मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि ससुराल पक्ष ने दहेज और घरेलू विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी को 23 अगस्त 2025 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके बाद सास दयावती, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित भाटी को भी जेल भेजा गया। हालांकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सास, ससुर और जेठ को जमानत मिल गई थी। मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी फिलहाल जेल में है और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही है।

निक्की के पिता भिखारी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। पंचायत के फैसले के तहत बच्चों के नाम संपत्ति करने, परिवार को आर्थिक सहयोग देने और निक्की की बहन कंचन को दोबारा उसकी ससुराल में रखने पर सहमति बनी है। निक्की के परिजनों ने पंचायत के जरिए ससुराल पक्ष से समझौता कर केस वापस लेने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद इलाके में बहस और नाराजगी का माहौल बन गया है।

कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेंगे परिजनों का कहना है कि कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी केस कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट एफिडेविट को मान्य करेगा या रद्द कर देगा। यह कोर्ट में फैसला होगा। हालांकि इस फैसले से आसपास के गांवों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में समझौता होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ेगा और महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ेगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निक्की को इंसाफ दिलाने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवाज उठाई थी, लेकिन अब समझौते के बाद वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई लोगों ने आशंका जताई कि इस तरह के फैसलों का असर भविष्य में होने वाले अन्य महिला उत्पीड़न और हत्या के मामलों पर भी पड़ सकता है।

निक्की भाटी प्रकरण में पंचायत द्वारा लिए गए फैसले का गुर्जर आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट के अध्यक्ष दिवाकर विधूड़ी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि समाज में जब किसी विवाद का समाधान आपसी सहमति, सामाजिक मर्यादा और भाईचारे के साथ पंचायत के माध्यम से होता है, तो यह समाज को जोड़ने का कार्य करता है। दिवाकर विधूड़ी ने कहा कि निक्की भाटी प्रकरण के बाद गुर्जर समाज में भारी रोष और पीड़ा देखने को मिली थी। इस घटना से पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई थीं तथा समाज की छवि को भी नुकसान पहुंचा था। पिछले कई महीनों से यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ था।

 

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

Aashish Gupta

आशीष गुप्ता ने जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता का डिप्लोमा किया है और राजनीतिक विज्ञान में MA करने के बाद वह राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में कार्यरत रहे। 2015 में पीआर कंपनी मेक यू बिग मीडिया प्राइवेट की स्थापना करने के बाद 2021 में फ़ेडरल भारत की शुरुआत की।

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