ग्रैंडथुम कमर्शियल प्रोजेक्ट में अधूरी सुविधाओं के बीच मेंटेनेंस वसूली पर प्राधिकरण सख्त, बिल्डर से मांगा जवाब

ग्रेटर नोएडा वेस्ट – ग्रैंडथुम कमर्शियल प्रोजेक्ट में आवश्यक सुविधाएं पूर्ण किए बिना मेंटेनेंस शुल्क वसूले जाने के मामले को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में खरीदारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में प्राधिकरण अधिकारियों ने बिल्डर पक्ष से जवाब तलब किया।
बैठक में खरीदारों ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट में कई बुनियादी सुविधाएं और विकास कार्य अभी तक अधूरे हैं, जबकि मेंटेनेंस शुल्क की वसूली लगातार की जा रही है। इस पर प्राधिकरण अधिकारियों ने कंपनी के जीएम फैसिलिटी कुलदीप से पूछा कि आंशिक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (Partial OC) और अधूरी सुविधाओं की स्थिति में मेंटेनेंस शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है। प्राधिकरण ने बिल्डर को नोटिस जारी कर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक पाठक ने स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर खरीदारों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
फेडरल भारत के संपादक एवं कार्यालय स्वामी आशीष गुप्ता ने प्राधिकरण से प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक परियोजना में सभी आवश्यक सुविधाएं और विकास कार्य पूर्ण नहीं हो जाते, तब तक मेंटेनेंस शुल्क वसूली पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्राधिकरण अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक टीम द्वारा परियोजना का निरीक्षण कराया जाएगा तथा निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में रजत गुप्ता, अनुराग, अशोक ओझा, हिमांशु पाठक सहित बड़ी संख्या में खरीदार उपस्थित रहे। खरीदारों ने प्राधिकरण की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और प्रोजेक्ट में लंबित सुविधाओं को पूरा कराया जाएगा।



