Noida: यमुना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज को लेकर बड़ी खबर, एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इसका सीधा फायदा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगा

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज के जरिए जोड़ने की कवायद तेज कर दी गई है। जगनपुर-अफजलपुर के पास निर्माणाधीन इंटरचेंज का काम तेजी से चल रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारियों के मुताबिक, इंटरचेंज को 15 नवंबर से वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने की तैयारी है। नवंबर माह में इंटरचेंज के चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद ईस्टर्न पेरिफेरल और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी का नया विकल्प तैयार होगा, जिससे एनसीआर में यातायात व्यवस्था को गति मिलने के साथ नोएडा एयरपोर्ट की पहुंच भी और आसान होने की उम्मीद है।
इस इंटरचेंज के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी। इसका सीधा फायदा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले वाहन चालकों को मिलेगा। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कई जिलों से आने वाले वाहनों को बेहतर और सीधा मार्ग मिल सकेगा। इंटरचेंज के निर्माण का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हो पाने के बाद अब निर्माण एजेंसी को शेष कार्य जल्द खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नवंबर के मध्य से यातायात शुरू किया जा सके।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेसवे की ओर आसानी से जा सकेंगे। इससे नोएडा एयरपोर्ट की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इंटरचेंज के शुरू होने से एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच वाहनों का आवागमन अधिक सुगम होगा। इससे ग्रेटर नोएडा की आंतरिक सड़कों और प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। खासकर उन वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिन्हें वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।
इंटरचेंज पर दिखेगी हरियाली और खूबसूरती
इंटरचेंज के निर्माण के साथ इसके आसपास लैंडस्केपिंग और हरियाली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनएचएआई चेयरमैन ने निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान इंटरचेंज को केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसके आसपास बेहतर लैंडस्केपिंग और हरित क्षेत्र विकसित करने पर जोर दिया है। उद्देश्य यह है कि एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को बेहतर यातायात सुविधा के साथ आकर्षक और खूबसूरत परिवेश भी नजर आए।




