Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों की बड़ी बाधा हुई दूर, पहले दिन अंडरपास के ट्रायल के दौरान फर्राटे से दौड़े वाहन
चार मूर्ति चौक से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम किसी समस्या से जूझना पड़ रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को ट्रायल के तौर पर अंडरपास के खुलते ही नजारा अलग दिखा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से ग्रेनो वेस्ट के चार मूर्ति चौक पर निर्मित पहले अंडरपास का ट्रायल 5 नवंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो गया है और 8 नवंबर की रात 10 बजे तक चलेगा। ट्रायल सफल रहने पर अंडरपास को वाहनों की आवाजाही के लिए औपचारिक तौर पर शीघ्र खोल दिया जाएगा। अगर ट्रायल के दौरान वाहनों की आवाजाही में कोई अड़चन प्राप्त होती है तो उसे भी तत्काल दुरुस्त किया जाएगा। 5 नवंबर को ट्रायल के लिए खुलने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को बड़ी राहत मिल गई है।
चार मूर्ति चौक से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम किसी समस्या से जूझना पड़ रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को ट्रायल के तौर पर अंडरपास के खुलते ही नजारा अलग दिखा। चौराहे से गुजरने वाले वाहन फर्राटा भरते दिखे। अंडरपास के बनने से न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हुई है बल्कि जाम न लगने से वाहनों से प्रदूषण की समस्या भी कम होगी। साथ ही समय और पैसे की बचत भी होगी। अभी तक 130 मीटर रोड और 60 मीटर रोड से गौड़ सिटी व तिगड़ी गोलचक्कर होते हुए गाजियाबाद की तरफ जाने वाले वाहनों को हिंडन पार करके यू-टर्न से वापस आना पड़ता था, जिससे वाहनों में अधिक ईंधन खर्च होता था। इन वाहन चालकों के लिए लगभग डेढ़ से 2 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।
एक अनुमान के मुताबिक इस चौराहे से रोजाना 50 हजार वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों के ईंधन की बचत को जोड़ लें तो साल भर में लगभग 35 करोड़ रुपए की बचत होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अंडरपास के निर्माण के दौरान सहयोग देने के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का आभार जताया है। सीईओ ने इस अंडरपास के निर्माण में लगी प्राधिकरण की टीम की भी सराहना की है। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने इस अंडरपास का ट्रायल सफल रहने पर वाहनों के लिए स्थाई तौर पर जल्द खोले जाने की बात कही है।
बता दें, कि इस अंडरपास का निर्माण 15 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और 30 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ है। यह अंडरपास निर्धारित समयावधि (दिसंबर 2026) से पहले ही बनकर तैयार हो गया है। लगभग 99 करोड रुपए खर्च हुए हैं। यह अंडरपास 60 मी रोड के पैरलल बना है। इसकी लंबाई लगभग 720 मीटर है।




