Noida: ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण बनाएगा चार नए बारात घर, शादी-समारोह में नहीं करना होगा मोटा खर्च
प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम सूथियाना में 590 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बारात घर बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 2.92 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ग्रेटर नोएडा के चार क्षेत्रों के निवासियों को शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए जल्द ही बारात घरों की सुविधा मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्राम सूथियाना, सेक्टर म्यू-1, म्यू-2 और ओमीक्रोन-2 में चार नए बारात घरों के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन सामुदायिक केंद्रों के बनने से लोगों को महंगे मैरिज हॉल बुक कराने और समारोह के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
निवासियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है। आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों के साथ हुई बैठकों में इन क्षेत्रों में बारात घर बनाने की मांग उठाई गई थी। स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर और दादरी विधायक तेजपाल नागर ने भी इसके लिए पैरवी की थी।
प्राधिकरण के अनुसार, ग्राम सूथियाना में 590 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बारात घर बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 2.92 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें पार्टी हॉल, लॉबी, किचन, शौचालय, इंडोर गेम्स और पार्किंग की सुविधा होगी। परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। निर्माण शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में करीब एक साल लगेगा।
वहीं, सेक्टर म्यू-1 में बारात घर के निर्माण पर 9.39 करोड़, म्यू-2 में 9.40 करोड़ और ओमीक्रोन-2 में 10.10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन तीनों सामुदायिक केंद्रों का क्षेत्रफल करीब 4800 से 5000 वर्ग मीटर होगा। दो मंजिला बनने वाले इन केंद्रों में पार्टी हॉल, रसोईघर, आधुनिक लाइब्रेरी और महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। यहां सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ ही लोगों को पढ़ने-लिखने की सुविधा भी मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शहर के गांवों और सेक्टरों में सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। अधिकांश गांवों और सेक्टरों में बारात घर बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। प्राधिकरण के सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को नए सामुदायिक केंद्रों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। इन चारों परियोजनाओं पर कुल करीब 31.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।



