Noida: ग्रेप-3 लागू होने पर गौतमबुद्धनगर में भी पांबदी, अब नहीं चलेंगे ये वाहन, कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
यातायात पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, खुले में बालू, रेत और अन्य निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 6 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में भी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती शुरू की जाएगी। पुलिस ने बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन भी सड़कों पर नहीं चल सकेंगे।
यातायात पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, खुले में बालू, रेत और अन्य निर्माण सामग्री लेकर चलने वाले भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालकों को अपने वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) अपडेट रखने की हिदायत दी गई है। बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कमिश्नरेट क्षेत्र में प्रतिबंधित अवधि से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहन संचालित पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत उन्हें निरुद्ध किया जाएगा। इसके अलावा वाहन चालकों से यातायात सिग्नल पर रुकने के दौरान इंजन बंद रखने और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील हॉटस्पॉट मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
सार्वजनिक मार्गों पर गलत तरीके से वाहन खड़े करने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है। ग्रेप के नियमों का पालन कराने के लिए कमिश्नरेट के कमांड कंट्रोल सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से जरूरी होने पर निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है। यातायात संबंधी परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर 9971009001, व्हाट्सएप नंबर 7065100100 और एक्स हैंडल @noidatraffic पर संपर्क किया जा सकता है।




