Noida: केंद्र की मोदी सरकार में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात 25 प्रतिशत बढ़ा, निर्यात कारोबार से जुड़े युवा: गिरिराज सिंह
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हस्तशिल्प निर्यात करीब 25 प्रतिशत बढ़ा है।

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केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में पांच दिवसीय आईआईजीएफ दिल्ली फेयर-2026 का उद्घाटन किया। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित इस मेले में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ कारोबारी संबंध मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हस्तशिल्प निर्यात करीब 25 प्रतिशत बढ़ा है। वैश्विक स्तर पर कई देशों के बीच संघर्ष की स्थिति के बावजूद मेले में 125 से अधिक देशों के खरीदार पहुंचे हैं। पिछले आयोजन की तुलना में इस बार खरीदारों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने हस्तशिल्प निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और इस क्षेत्र की संभावनाओं का लाभ उठाने पर जोर दिया।
निर्यात कारोबार से जुड़ें 10 प्रतिशत युवा
केंद्रीय मंत्री ने आयोजकों से अपील की कि मेले के माध्यम से कम से कम 10 प्रतिशत युवाओं को निर्यात कारोबार से जोड़ने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं से परिचित कराने और निर्यात के अवसर उपलब्ध कराने से नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 40 देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाया है। आने वाले समय में 56 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) की संभावनाएं भी हैं। इससे भारतीय उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं।
आईआईजीएफ दिल्ली फेयर-2026 एक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) आयोजन है। इसमें भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों और विदेशी खरीदारों को एक मंच पर लाया गया है। मेले के जरिए निर्यातक नए बाजारों की संभावनाएं तलाशने, अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों से संपर्क बढ़ाने और अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
आयोजन में भारतीय हस्तशिल्प की विविधता, पारंपरिक शिल्प कौशल और उद्यमशीलता को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने हस्तशिल्प क्षेत्र की निर्यात क्षमता को और बढ़ाने तथा भारत को वैश्विक कारोबार में मजबूत स्थान दिलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।




