नोएडा के विकास की नींव रखने वाले किसान आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित: आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने विधायक पंकज सिंह से लगाई न्याय की गुहार

नोएडा – नोएडा आज देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में अपनी पहचान बना चुका है। गगनचुंबी इमारतें, चौड़ी सड़कें, आधुनिक सुविधाएं और तेजी से बढ़ता औद्योगिक एवं व्यावसायिक ढांचा इसकी विकास यात्रा की तस्वीर पेश करते हैं। लेकिन इसी विकास की नींव रखने वाले स्थानीय किसान और ग्रामीण आज भी अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पंकज सिंह से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और किसानों की लंबित मांगों पर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नोएडा का विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब विकास की मुख्यधारा में यहां के किसान और ग्रामीण भी सम्मानपूर्वक शामिल हों।
गांवों में सीवर, जलभराव और मूलभूत सुविधाओं का संकट
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि नोएडा की चमक-दमक और ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। कई गांवों में सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, खराब नालियों और गंदे पानी की समस्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनी हुई है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल और निर्बाध बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जिस शहर को बसाने और विकसित करने के लिए किसानों ने अपनी जमीन दी, उसी क्षेत्र के गांवों में आज भी नागरिक सुविधाओं का अपेक्षित स्तर नहीं पहुंच पाना गंभीर चिंता का विषय है।
मुआवजा नीति पर उठाए सवाल
किसानों के मुआवजे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को दिए जा रहे मुआवजे को लेकर लंबे समय से असंतोष है। उन्होंने लगभग 5,325 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को उनकी जमीन का उचित और न्यायसंगत मूल्य मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों में लागू कानूनों और निर्धारित मानकों के अनुरूप किसानों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्राधिकरण अपनी जमीनों की नीलामी से बड़ी राशि अर्जित करता है, तो किसानों को उनकी भूमि के अनुरूप न्यायसंगत प्रतिफल देने में देरी क्यों हो रही है।
सर्किल रेट और आबादी प्लॉट का मामला भी उठाया
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्किल रेट को लंबे समय से संशोधित नहीं किए जाने का भी किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने गांवों में जमीनों की बैकलीज की सीमा 450 मीटर से बढ़ाकर 1,000 मीटर किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों को उनके अधिकार के 5 प्रतिशत आबादी प्लॉट शीघ्र आवंटित किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों से जुड़े ऐसे कई मामले लंबे समय से शासन और प्रशासन के स्तर पर लंबित हैं, जिनका समयबद्ध समाधान जरूरी है।
विधायक पंकज सिंह से हस्तक्षेप की अपील
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने विधायक श्री पंकज सिंह से अपील की कि वे किसानों और ग्रामीणों की इन समस्याओं को शासन एवं नोएडा प्राधिकरण के उच्च स्तर पर मजबूती से उठाएं और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इनके स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करें।
उन्होंने कहा, “नोएडा का विकास केवल गगनचुंबी इमारतों, एक्सप्रेसवे और व्यावसायिक परियोजनाओं से पूरा नहीं होगा। विकास की असली कसौटी यह है कि जिस किसान ने अपनी जमीन देकर इस शहर की नींव मजबूत की, उसके परिवार और गांव को भी सम्मानजनक जीवन, बेहतर सड़क, सीवर, पानी, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाएं मिलें।”
उन्होंने कहा कि किसानों को उनका न्यायसंगत अधिकार और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नोएडा के संतुलित, समावेशी और सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।




