ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ई-ऑफिस प्रणाली शुरू: कामकाज अब पूरी तरह डिजिटल

ग्रेटर नोएडा, जून 2025: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अब पारंपरिक फाइल सिस्टम की जगह ई-ऑफिस प्रणाली ने ले ली है। बृहस्पतिवार से यह डिजिटल व्यवस्था औपचारिक रूप से लागू कर दी गई है। अब सभी विभागीय कामकाज और फाइलों की मंजूरी ऑनलाइन माध्यम से ही होगी।
फाइल वर्क होगा डिजिटल, समय पर मिलेगी मंजूरी
प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की ईमेल आईडी बना दी गई है और डिजिटल सिग्नेचर तैयार किए जा रहे हैं। इससे अब फाइलों को मैन्युअली आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारी कहीं से भी फाइल साइन कर सकेंगे और समय व तिथि का रिकॉर्ड भी स्वतः सिस्टम में दर्ज हो जाएगा।
शासन स्तर पर होगी निगरानी
इस व्यवस्था की निगरानी प्रदेश शासन की ओर से की जाएगी। किसी भी फाइल की स्थिति तुरंत देखी जा सकेगी, और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी सरकारी विभाग को वह सीधे भेजी जा सकती है। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
एनआईसी और यूपीईसीएल की तकनीकी साझेदारी
ई-ऑफिस प्रणाली को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा तकनीकी रूप से विकसित किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPECL) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। पूरे प्रदेश में इसे तेजी से लागू किया जा रहा है।
55 हजार से अधिक फाइलों का डिजिटल डाटा बैंक तैयार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले ही 55,000 से अधिक फाइलों को स्कैन कर डाटा बैंक तैयार कर लिया था। इससे निवेश मित्र और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आने वाले आवेदनों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा।
ई-ऑफिस से पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी
प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था से विभागीय कामकाज ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध हो जाएगा। फाइल किस स्तर पर रुकी है, इसकी स्थिति हर अधिकारी को पता चलती रहेगी। इससे न सिर्फ प्राधिकरण के काम की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को भी समय पर सेवाएं मिलेंगी।
सीईओ ने दिए निर्देश, सभी विभाग डिजिटल मोड में करें काम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन. जी. रवि कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अब पूरा कामकाज ई-ऑफिस प्रणाली के तहत ही किया जाए। साथ ही, जैसे-जैसे अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार होंगे, वैसे-वैसे ई-ऑफिस का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।




