मेरठ से प्रयागराज तक एक्सप्रेसवे से कीजिए सफर, इतना होगा टोल

नोएडा : उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने जा रहा है। लगभग 594 किलोमीटर लंबे इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे के माध्यम से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इस मार्ग पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
एक्सप्रेसवे की विशेषता यह है कि इस पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए विशेष हवाई पट्टी भी विकसित की गई है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, हर 15 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस चौकियों की स्थापना की जा रही है, जहां तैनात सुरक्षा कर्मी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
यात्रियों की सुविधा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी निरंतर उपलब्ध रहेंगी। दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने हेतु एक्सप्रेसवे के दोनों ओर तारबाड़ (फेंसिंग) की व्यवस्था की गई है, जिससे आवारा पशुओं और अनधिकृत प्रवेश पर नियंत्रण रखा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के किनारों और डिवाइडर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिससे हरियाली को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।
हालांकि, इन अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को टोल शुल्क का भुगतान करना होगा। निजी वाहनों से लेकर वाणिज्यिक वाहनों तक, सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग दरों पर टोल वसूला जाएगा। अनुमान है कि लंबी दूरी की यात्रा पर टोल शुल्क अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, जो एक्सप्रेसवे के निर्माण और रखरखाव लागत के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा।




