Delhi: 21 की जान लेने वाले होटल पर बड़ा खुलासा… बेसमेंट में लगा था ताला, इस वजह से अंदर फंसे लोग
सीएम ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता एवं जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी आग से 21 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो बेसमेंट में फंसे आठ लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने इस भीषण आग पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं।
सीएम ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव चिकित्सा सहायता एवं जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में दिल्ली सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
दक्षिण जिले के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा कि सूचना मिलने पर डीडीएमए को सक्रिय कर दिया गया। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक होटल चल रहा था। आग लगने की वजह अभी तक पता नहीं चली है। ऊपर के फ्लोर पर मौजूद कुछ लोगों ने स्थानीय लोगों द्वारा सड़क पर बिछाए गए गद्दों पर कूदकर अपनी जान बचाई। शुरुआती तौर पर सात दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन भीषण आग को देखते हुए दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गई। बचाव दल ने होटल और रेस्तरां परिसर से लोगों को बाहर निकाला, जबकि 33 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और रेस्तरां कर्मचारियों के अनुसार आग बेसमेंट में स्थित रेस्तरां में लगी। वहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक चूल्हा चालू करते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। कुछ ही देर में पूरे बेसमेंट में धुआं भर गया और आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। पूरे भवन में ऊपर-नीचे जाने के लिए केवल एक सीढ़ी और एक लिफ्ट थी। घना धुआं सीढ़ियों में भर जाने से होटल में ठहरे लोग अंदर ही फंस गए।
इमारत की ज्यादातर खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और कई जगहों पर वेंटिलेशन की पर्याप्त सुविधा नहीं थीं। आग लगने के बाद पूरा ढांचा चिमनी की तरह काम करने लगा, जिससे गर्मी और धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया। इस कारण कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय तक नहीं मिला और वे कमरों में ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोग एक-एक कर ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदे। कुछ लोगों को गंभीर चोटें आईं, जबकि कई की जान स्थानीय लोगों की तत्परता से बच गई।



