RTI में बच्चों को नहीं मिला हक – गौतमबुद्ध नगर बना प्रदेश में फिसड्डी !

नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया बुरी तरह धीमी रही है।
जिले में आवंटन पत्र जारी होने के तीन महीने बाद भी 1575 बच्चों को अब तक स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल सका है।
शासन की फटकार, स्कूलों को नोटिस
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को ऐसे प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी करने और जवाब न मिलने पर मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार चरणों में हुई प्रक्रिया, लेकिन प्रवेश सिर्फ 63% सीटों पर
शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए जिले के 1095 प्राइवेट स्कूलों में RTE के तहत 16516 सीटें आरक्षित थीं। दिसंबर से मार्च तक चार चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई।
8108 बच्चों ने आवेदन किया और 4267 बच्चों को आवंटन पत्र मिले, लेकिन अब तक केवल 63% बच्चों को ही स्कूलों में प्रवेश मिला है। बाकी 37% बच्चे अभी भी दर-दर भटक रहे हैं।
बड़े स्कूलों की मनमानी, अभिभावकों की परेशानी
जिन बच्चों को आवंटन पत्र मिल चुके हैं, उन्हें भी कई नामी स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया है। अभिभावकों की शिकायत पर ADM प्रशासन ने 50 से अधिक स्कूलों को नोटिस थमाया।
कुछ मामलों में सुनवाई कर बच्चों को प्रवेश दिलाया गया, जबकि कई अभिभावक छोटे स्कूलों में बच्चों को नहीं भेजना चाहते और स्कूल बदलने की मांग कर रहे हैं।
राज्य स्तर पर शर्मनाक स्थिति – टॉप से नहीं, बॉटम 10 में जिला
प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा में गौतमबुद्ध नगर की स्थिति शर्मनाक रही। जिले को पहली बार 63% सीटों पर प्रवेश दिलाने के बावजूद बॉटम 10 जिलों में रखा गया है। अब शिक्षा विभाग की कोशिश है कि बाकी बच्चों को जल्द से जल्द दाखिला दिलाया जाए।




