1 से 7 जुलाई तक जन्मे बच्चों को मिलेगा ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट और पौधा
नोएडा: उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाली को बढ़ावा देने और नवजात शिशुओं के जीवन की शुभ शुरुआत को यादगार बनाने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है।
1 से 7 जुलाई के बीच वन महोत्सव सप्ताह के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट और एक पौधा उपहार में दिया जाएगा।
जन्मस्थल पर ही मिलेगा पौधा और सर्टिफिकेट
यह सुविधा प्रदेश के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और अन्य सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले शिशुओं को उपलब्ध कराई जाएगी। वन विभाग स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से इस योजना को लागू करेगा।
हरियाली और जिम्मेदारी दोनों का संदेश
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि नवजात के परिवार को पौधारोपण और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना भी है। यह पौधा शिशु के साथ बड़े होते हुए उसकी तरक्की और समृद्धि का प्रतीक बनेगा।
पौधारोपण महाभियान में जनसहभागिता को बढ़ावा
प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी के अनुसार, पौधारोपण महाभियान-2025 में आम जनता की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का विशेष ध्यान है। योजना के तहत सागौन, शीशम जैसी इमारती प्रजातियों के पौधे दिए जाएंगे। साथ ही, परिजनों को इन्हें कहां और कैसे लगाना है, इसकी भी जानकारी दी जाएगी।
क्या है ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट?
ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट एक विशेष प्रमाण पत्र है, जो वन विभाग की ओर से नवजात शिशु के नाम पर जारी किया जाएगा। इसका मकसद बच्चों के साथ-साथ दिए गए पौधे की देखभाल और सुरक्षा के लिए माता-पिता को जागरूक करना है।
यह योजना न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि एक पीढ़ी को हरियाली और जिम्मेदारी का उपहार देने की शुरुआत भी है।




