अलीगढ़: केमिकल से बना रहे थे नकली पनीर, रोजाना कमा रहे थे लाखों; जमीन बेच शुरू किया था ये ज़हरीला कारोबार

नोएडा: अलीगढ़ के सहजपुरा गांव के रहने वाले गुड्डू उर्फ हरीश और उसका भाई अफसर बीते छह महीनों से नकली पनीर बनाने का काम कर रहे थे। इस अवैध धंधे से वे रोजाना 2 से 2.25 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे थे।
जहरीले रसायनों से तैयार हो रहा था नकली पनीर
ये दोनों भाई पेंटिंग में इस्तेमाल होने वाले रंग, केमिकल और रिफाइंड तेल से पनीर तैयार कर रहे थे। यह पनीर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक था, लेकिन उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं था।
फैक्ट्री बंद होने की चिंता, इंसानों की जान की नहीं
पुलिस ने जब इस नकली पनीर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, तो गुड्डू को केवल इस बात की चिंता थी कि उसका कारोबार बंद हो गया, न कि यह कि वह लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था। उसने खुद कबूला कि फैक्ट्री खोलने के लिए 20 लाख रुपये की पुश्तैनी जमीन बेची थी।
पनीर सप्लाई का अनुभव बना गैरकानूनी रास्ते का आधार
गुड्डू और अफसर पहले पनीर की आपूर्ति का काम करते थे। उन्होंने कई कारोबारियों को इस पेशे में तेज़ी से अमीर बनते देखा और खुद भी वैसा बनने की ठान ली। इसी लालच में नकली पनीर बनाने का रास्ता चुना।
मुनाफे की लालच में पूरी तरह नकली पनीर पर उतर आए
शुरुआत में दोनों ने असली पनीर के साथ-साथ थोड़ा नकली पनीर बेचना शुरू किया। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आया कि नकली पनीर से चार गुना ज्यादा मुनाफा मिल रहा है। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह नकली पनीर का ही कारोबार शुरू कर दिया।
लालच में बेच दी जमीन और जमीर दोनों
स्थानीय लोगों का कहना है कि अमीर बनने की दौड़ में इन भाइयों ने सिर्फ अपनी ज़मीन ही नहीं बेची, बल्कि अपनी इंसानियत और जमीर भी गिरवी रख दिया। उन्हें लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने में कोई झिझक नहीं रही।




